कुल्लू: जिला कुल्लू में साल की पहली भारी बर्फबारी के बाद जनजीवन प्रभावित हो गया है। मनाली, मणिकर्ण से लेकर बंजार, आनी और निरमंड तक हुई हैवी स्नोफॉल के चलते जिले में सड़कें बाधित हो गई हैं। एक ओर पर्यटक बर्फबारी का आनंद उठा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
पहाड़ी इलाकों में डेढ़ से तीन फुट तक बर्फ जमने से जरूरी सेवाएं प्रभावित हुई हैं। चारों तरफ बर्फ की सफेद चादर बिछी नजर आ रही है। भारी बर्फबारी के बाद कड़ाके की ठंड पड़ रही है और सड़कें, वाहन व घर बर्फ से ढक गए हैं। जिला प्रशासन ने बर्फ हटाने का कार्य शुरू कर दिया है और लोगों से अनावश्यक यात्रा न करने की अपील की है।
जानकारी के अनुसार, जिले में बर्फबारी के कारण दो राष्ट्रीय राजमार्गों समेत करीब 91 सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं। एनएच-003 कटराईं–पतलीकूहल से मनाली की ओर पूरी तरह बंद है, जबकि एनएच-305 घियागी से आनी की ओर भारी बर्फबारी के चलते ठप हो गया है। कई इलाकों में पर्यटक वाहन और लोग फंसे हुए हैं, जिन्हें निकालने और सड़कें खोलने का कार्य जारी है।
निरमंड क्षेत्र में सबसे अधिक सड़कें बंद हुई हैं। तापमान में अचानक आई गिरावट से ठंड और बढ़ गई है। हालांकि बर्फबारी से पर्यटकों में उत्साह है और पर्यटन कारोबार को रफ्तार मिलने की उम्मीद जताई जा रही है, लेकिन फिसलन भरी सड़कों के कारण आवाजाही में भारी दिक्कतें पेश आ रही हैं।
लोक निर्माण विभाग कुल्लू के अधिशासी अभियंता बीसी नेगी ने बताया कि बर्फबारी के चलते सड़कें अवरुद्ध हुई हैं और उनकी बहाली का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है। बंजार के अधिशासी अभियंता चमन ठाकुर ने कहा कि कर्मचारी सड़कें बहाल करने में जुटे हुए हैं। वहीं, आनी के एसडीओ मनीष ने बताया कि क्षेत्र में 12 सड़कें बंद थीं, जिनमें से 8 बहाल कर दी गई हैं, जबकि चार सड़कों की बहाली में अभी समय लगेगा। निरमंड के अधिशासी अभियंता आनंद शर्मा ने भी बहाली कार्य जारी रहने की जानकारी दी है।
Author: Deepak Mittal










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