शिमला: वर्तमान डिजिटल युग में इंटरनेट ब्राउजिंग के जरिए साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। साइबर ठग फिशिंग लिंक, नकली वेबसाइट, संदिग्ध पॉप-अप और अन्य जालसाजी के तरीकों से लोगों को ठग रहे हैं। हिमाचल प्रदेश में इंटरनेट ब्राउजिंग से जुड़ी ठगी की शिकायतें लगातार साइबर सेल के पास पहुंच रही हैं, जिसे देखते हुए साइबर सुरक्षा को लेकर जागरूकता की अत्यंत आवश्यकता जताई गई है।
साइबर सेल ने इंटरनेट ब्राउजिंग को लेकर एक विशेष एडवाइजरी जारी की है। इसमें बताया गया है कि अपराधी अक्सर लोगों की असावधानी और तकनीकी जानकारी के अभाव का फायदा उठाकर आर्थिक और व्यक्तिगत नुकसान पहुंचा रहे हैं। हाल के दिनों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें फर्जी लिंक और वेबसाइट के माध्यम से लोगों से ठगी की गई।
राज्य अपराध अन्वेषण विभाग की ओर से नागरिकों को सतर्क करने के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। एसपी साइबर क्राइम रोहित मालपानी ने बताया कि इंटरनेट ब्राउजिंग से पहले वेबसाइट की सुरक्षा की जांच करना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि यूआरएल का निरीक्षण करें और यह सुनिश्चित करें कि वेबसाइट https:// से शुरू हो। किसी भी प्रकार के संदिग्ध या मिलते-जुलते नाम वाले यूआरएल, जैसे गलत स्पेलिंग या अजीब डोमेन, फिशिंग का संकेत हो सकते हैं।
उन्होंने यह भी सलाह दी कि कंप्यूटर पर किसी लिंक पर क्लिक करने से पहले उस पर माउस होवर कर उसके वास्तविक गंतव्य की जांच करें। साइबर सेल ने लोगों से अपील की है कि वे सतर्क रहें, अनजान लिंक पर क्लिक न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं।
Author: Deepak Mittal










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