दरभंगा: बिहार के दरभंगा जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक निजी स्कूल बस चालक की लापरवाही के चलते तीसरी कक्षा के छात्र मोहम्मद समा की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि स्कूल से छुट्टी के बाद बच्चों को घर छोड़ने जा रही बस तेज रफ्तार में थी। इसी दौरान मोड़ पर अचानक बस घुमाने से मासूम छात्र संतुलन खो बैठा और बस की सीट से सीधे दरवाजे से टकराकर सड़क किनारे जा गिरा। सिर में गंभीर चोट लगने के कारण बच्चे की मौके पर ही हालत बिगड़ गई और बाद में उसकी मौत हो गई।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, घटना के बाद बस चालक ने बच्चे की मदद करने के बजाय बस से उतरकर मौके से फरार हो गया। बस में सवार कुछ अन्य बच्चों को भी मामूली चोटें आई थीं, जिन्हें तत्काल नीचे उतार दिया गया। सड़क पर गिरे बच्चे को स्थानीय लोग आनन-फानन में अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना की खबर गांव में फैलते ही सैकड़ों लोग स्कूल पहुंच गए और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ जमकर हंगामा किया। हालांकि, लोगों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन घटना के बाद से ही फरार है और स्कूल को बंद कर दिया गया। बताया जा रहा है कि स्कूल बस काफी पुरानी थी और उस पर किसी प्रकार का कोई संपर्क नंबर भी दर्ज नहीं था। जो नंबर इंटरनेट से निकाले गए, वे सभी बंद मिले।
सूचना मिलने पर सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। स्थानीय लोगों का गुस्सा स्कूल प्रबंधन के खिलाफ चरम पर है। उनका कहना है कि हादसा कहीं भी हो सकता है, लेकिन घटना के बाद जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ना स्कूल प्रबंधन का बेहद गैर-जिम्मेदाराना रवैया है।
यह हादसा दरभंगा सदर थाना क्षेत्र के लोआम गांव का है। घटना उस समय हुई जब स्कूल बस बच्चों को छोड़ने के लिए सीतापुर के पास से गुजर रही थी। सदर थाना प्रभारी मनोज कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले की जांच की जा रही है और आगे की कार्रवाई की जाएगी।
घटना के चश्मदीदों ने बताया कि उन्होंने अपने स्तर पर घायल बच्चे को दूसरी गाड़ी से अस्पताल पहुंचाया, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी। बाकी बच्चों को बस से उतारकर सुरक्षित उनके घर पहुंचाया गया। चश्मदीदों का आरोप है कि घटना के तीन घंटे बाद तक भी स्कूल प्रबंधन का कोई जिम्मेदार व्यक्ति सामने नहीं आया और सभी मोबाइल फोन बंद मिले। इस घटना ने एक बार फिर स्कूल बसों की सुरक्षा व्यवस्था और प्रबंधन की जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Author: Deepak Mittal








