दुर्ग: जिले में भ्रष्टाचार के एक गंभीर मामले में एसएसपी विजय अग्रवाल ने सख्त कार्रवाई करते हुए नंदिनी थाना में पदस्थ प्रधान आरक्षक बद्री सिंह भुवाल को निलंबित कर दिया है। आरोप है कि प्रधान आरक्षक ने सड़क दुर्घटना में मृत व्यक्ति के परिजनों से एफआईआर दर्ज करने के एवज में 5 हजार रुपये की रिश्वत ली थी।
मामले को लेकर मृतक के परिजनों ने एसएसपी कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने तत्काल जांच टीम का गठन किया। जांच के दौरान आरोपों की पुष्टि हुई, जिसमें यह स्पष्ट हुआ कि प्रधान आरक्षक ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए रिश्वत ली थी।
जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद एसएसपी विजय अग्रवाल ने जीरो टॉलरेंस नीति अपनाते हुए प्रधान आरक्षक बद्री सिंह भुवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी स्तर पर कोई भी रियायत नहीं दी जाएगी और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है और प्रशासनिक स्तर पर इसे एक कड़ा संदेश माना जा रहा है कि आम नागरिकों से अवैध वसूली किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
Author: Deepak Mittal








