CG Breaking: शिक्षा विभाग का ‘कड़ा संदेश’! एक ही दिन में 49 शिक्षक निलंबित, स्कूल सिस्टम में मचा हड़कंप
कांकेर के बाद सरगुजा में भी गिरी गाज, ज्वाइनिंग नहीं करने वालों पर सरकार का बड़ा एक्शन
सरगुजा: छत्तीसगढ़ में युक्तियुक्तकरण (Rationalization) के बाद नई पदस्थापना पर ज्वाइनिंग नहीं करने वाले शिक्षकों के खिलाफ शिक्षा विभाग ने अब आर-पार की लड़ाई छेड़ दी है। एक ही दिन में प्रदेशभर में 49 शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया है।
पहले कांकेर जिले के 38 शिक्षकों पर कार्रवाई हुई और अब सरगुजा जिले में 11 शिक्षकों को सस्पेंड कर दिया गया है। इस अचानक हुई बड़ी कार्रवाई से शिक्षा विभाग से लेकर शिक्षक समुदाय तक खलबली मच गई है।
आदेश नहीं माना तो सस्पेंशन तय
जिला शिक्षा विभाग के अनुसार, युक्तियुक्तकरण के तहत नई पदस्थापना मिलने के बावजूद जिन शिक्षकों ने कार्यभार ग्रहण नहीं किया, उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है।
सरगुजा में 11 शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि 5 अन्य शिक्षक विभाग की रडार पर हैं, जिन पर जल्द कार्रवाई हो सकती है।
600 में से 15 बने ‘अवज्ञा के आरोपी’
जानकारी के मुताबिक, पिछले वर्ष सरगुजा जिले में लगभग 600 शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण किया गया था।
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585 शिक्षकों ने समय पर ज्वाइनिंग कर ली
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लेकिन करीब 15 शिक्षक ऐसे रहे जिन्होंने बार-बार नोटिस और समझाइश के बावजूद कार्यभार ग्रहण नहीं किया
शिक्षा विभाग ने इसे शासकीय आदेशों की खुली अवहेलना और कर्तव्य में गंभीर लापरवाही माना।
आचरण नियमों का उल्लंघन माना गया मामला
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इन शिक्षकों को कई बार लिखित और मौखिक निर्देश दिए गए थे, फिर भी आदेशों का पालन नहीं किया गया।
यह मामला छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियमों के उल्लंघन के दायरे में आता है, इसलिए जांच प्रक्रिया पूरी कर निलंबन का फैसला लिया गया।
5 शिक्षकों पर अभी भी लटक रही तलवार
शिक्षा विभाग ने साफ किया है कि 5 अन्य शिक्षकों के मामले न्यायालय या उच्च कार्यालयों में लंबित हैं।
इन मामलों में न्यायालय और सक्षम प्राधिकरण के निर्देशों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
छात्रों के हित में सख्ती, कोई समझौता नहीं
शिक्षा विभाग का कहना है कि युक्तियुक्तकरण की पूरी प्रक्रिया छात्रों के हित में की गई है।
यदि कोई शिक्षक जानबूझकर आदेशों की अनदेखी करता है, तो इसका सीधा असर स्कूलों की पढ़ाई और बच्चों के भविष्य पर पड़ता है।
विभाग ने दो टूक कहा है—
👉 अनुशासनहीनता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
आगे और बढ़ सकता है आंकड़ा!
सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देश पर की जा रही है और सोमवार तक निलंबित शिक्षकों की संख्या और बढ़ सकती है।
शिक्षा विभाग को 13 जनवरी तक सभी कार्रवाई पूरी कर 15 जनवरी तक रिपोर्ट शासन को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
Author: Deepak Mittal










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