चंबा: पंडित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, चंबा में अनुशासनहीनता पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। कॉलेज प्रशासन ने एमबीबीएस बैच 2021 और 2025 के प्रशिक्षु डॉक्टरों को एक सप्ताह के लिए सस्पेंड कर दिया है। यह कार्रवाई बिना अनुमति सामूहिक अवकाश पर जाने और परीक्षा में शामिल न होने के मामले में की गई है।
CR-GR पद से भी हटाए गए, छात्र राजनीति पर ताला
कॉलेज प्रशासन ने केवल निलंबन तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रखी।
👉 दोनों बैच के सीआर (क्लास रिप्रेजेंटेटिव) और जीआर (ग्रुप रिप्रेजेंटेटिव) को भी उनके पदों से बर्खास्त कर दिया गया है।
👉 इन सभी प्रशिक्षुओं को भविष्य में किसी भी छात्र संघ चुनाव में हिस्सा लेने से प्रतिबंधित कर दिया गया है।
👉 वर्ष 2021 बैच की सीएससीए (कॉलेज स्टूडेंट्स काउंसिल एसोसिएशन) को भी भंग कर दिया गया है।
2021 बैच पर सबसे सख्त पाबंदी
एमबीबीएस बैच 2021 के प्रशिक्षुओं के लिए प्रशासन ने और भी कड़े आदेश जारी किए हैं—
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निलंबन अवधि के दौरान हॉस्टल तुरंत खाली करने के निर्देश
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ट्रेनिंग अवधि में वार्षिक खेलकूद, सांस्कृतिक और अन्य गतिविधियों में पूरी तरह प्रतिबंध
2025 बैच पर जनवरी 2028 तक बैन
एमबीबीएस बैच 2025 के प्रशिक्षुओं के लिए भी सख्त फैसले लिए गए हैं—
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जनवरी 2028 तक किसी भी कॉलेज गतिविधि में भाग नहीं ले सकेंगे
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सामूहिक अवकाश की अवधि वार्षिक छुट्टियों से काटी जाएगी
अनुशासन समिति की रिपोर्ट के बाद कार्रवाई
कॉलेज प्रशासन ने साफ किया है कि यह पूरी कार्रवाई अनुशासन समिति की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है।
मेडिकल कॉलेज चंबा के प्रवक्ता एवं मीडिया को-ऑर्डिनेटर डॉ. माणिक सहगल ने बताया—
“अनुशासन समिति की रिपोर्ट के आधार पर एमबीबीएस बैच 2021 और 2025 के प्रशिक्षुओं को एक सप्ताह के लिए सस्पेंड किया गया है।”
मेडिकल कॉलेजों में बढ़ता अनुशासन संकट?
इस कार्रवाई ने मेडिकल कॉलेजों में
❓ छात्रों की जिम्मेदारी
❓ प्रशासन की सख्ती
❓ और भविष्य के डॉक्टरों के अनुशासन
Author: Deepak Mittal










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