Japan Earthquake Alert: जापान कांपा 6.2 तीव्रता के भूकंप से, पलभर में मची अफरा-तफरी

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मंगलवार को पश्चिमी जापान में धरती अचानक कांप उठी। रिक्टर स्केल पर 6.2 तीव्रता के इस शक्तिशाली भूकंप ने लोगों की धड़कनें बढ़ा दीं। भूकंप के तेज झटकों से कुछ पलों के लिए पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि सुनामी का कोई खतरा नहीं बताया गया है।

जापान मौसम विज्ञान एजेंसी के अनुसार, भूकंप का केंद्र उत्तर-पश्चिमी जापान के शिमाने प्रांत में था और इसकी गहराई जमीन से लगभग 10 किलोमीटर नीचे दर्ज की गई। प्रांतीय राजधानी मात्सुए और तोत्तोरी प्रांत के कई शहरों में झटके सबसे ज्यादा महसूस किए गए।

 जान-माल का नुकसान नहीं, परमाणु संयंत्र सुरक्षित

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भूकंप से अब तक किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है।
वहीं परमाणु विनियमन प्राधिकरण ने भी राहत भरी जानकारी देते हुए बताया कि शिमाने परमाणु बिजली संयंत्र और उससे जुड़े केंद्रों में कोई असामान्यता नहीं पाई गई है।

गौरतलब है कि जापान प्रशांत महासागर के ‘रिंग ऑफ फायर’ क्षेत्र में स्थित है, जो दुनिया के सबसे भूकंप-संवेदनशील इलाकों में गिना जाता है। ऐसे में यहां बार-बार आने वाले भूकंप लोगों के लिए नई बात नहीं हैं, लेकिन हर बार खतरा उतना ही गंभीर होता है।

 सुनामी से बचाव: क्या करें, क्या न करें

✅ क्या करें

1️⃣ सुरक्षित स्थान पहले से तय करें

  • समुद्र तल से कम से कम 30 मीटर (100 फीट) ऊंचे स्थान या तट से 2–3 किमी दूर सुरक्षित जगह पहचान लें।

  • घर और ऑफिस से निकासी मार्ग पहले से जान लें और पैदल जाने का अभ्यास करें।

2️⃣ इमरजेंसी किट तैयार रखें

  • पीने का पानी और सूखा/डिब्बाबंद भोजन

  • फर्स्ट-एड किट और जरूरी दवाएं

  • टॉर्च, अतिरिक्त बैटरियां

  • जरूरी दस्तावेज वॉटरप्रूफ बैग में

  • थोड़ी नकदी

3️⃣ सूचना से जुड़े रहें

  • बैटरी से चलने वाला रेडियो रखें

  • परिवार के संपर्क नंबर याद रखें

  • एक बाहरी शहर का इमरजेंसी कॉन्टैक्ट तय करें

4️⃣ चेतावनी मिलते ही तुरंत निकलें

  • देर न करें, सामान बचाने के चक्कर में जान जोखिम में न डालें

  • संभव हो तो पैदल ऊंची जगह की ओर जाएं

  • ऊंचाई न मिले तो मजबूत कंक्रीट इमारत की तीसरी या चौथी मंजिल पर शरण लें


 क्या न करें

  • अफवाहों पर भरोसा न करें

  • समुद्र किनारे जाकर हालात देखने की गलती न करें

  • चेतावनी खत्म होने से पहले वापस न लौटें

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Author: Deepak Mittal

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