दुर्ग: भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) में हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। 15 नवंबर 2025 को एसएमएस-02 क्षेत्र में हुए दर्दनाक हादसे में मजदूर की मौत के मामले में आखिरकार पुलिस ने कार्रवाई की है। करीब डेढ़ महीने बाद भिलाई भट्टी थाना पुलिस ने बीएसपी प्रबंधन के खिलाफ लापरवाही का अपराध दर्ज कर लिया है।
हैरानी की बात यह है कि यह पिछले तीन महीनों में BSP प्रबंधन पर दर्ज पांचवीं FIR है, जिससे संयंत्र की कार्य-सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
विंच मशीन टूटी, मजदूर की चली गई जान
3 जनवरी 2026 को दर्ज एफआईआर के अनुसार, निर्माणाधीन ईसीआर भवन में काम के दौरान विंच मशीन का एक हिस्सा अचानक टूट गया। मशीन के साथ नीचे गिरने से मजदूर को सिर और शरीर में गंभीर चोटें आईं।
घायल अवस्था में उसे तत्काल BSP के मेन मेडिकल पोस्ट-1 अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे ‘ब्रॉट डेड’ घोषित कर दिया।
मृतक की पहचान और जांच की कहानी
मृतक की पहचान भिलाई शंकर पारा निवासी देवेन्द्र चंद्राकर (42 वर्ष) के रूप में हुई थी। घटना की सूचना उसी रात भिलाई भट्टी थाना में दी गई, जहां मर्ग क्रमांक 39/2025 धारा 194 BNSS के तहत जांच शुरू की गई।
मर्ग जांच में सामने आया कि हादसा सुरक्षा मानकों की अनदेखी और प्रबंधन की उपेक्षापूर्ण लापरवाही का नतीजा था। मजदूर से पर्याप्त सुरक्षा उपायों के बिना काम कराया जा रहा था।
इन धाराओं में दर्ज हुआ अपराध
जांच के आधार पर भिलाई भट्टी थाना पुलिस ने धारा 106(1) और 289 BNS के तहत बीएसपी प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। साथ ही घटना की सूचना एसडीएम भिलाई नगर को भी भेजी गई है।
परिजनों का फूटा गुस्सा
मृतक के परिजनों ने BSP प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और उचित मुआवजे की मांग की है। लगातार हो रहे हादसों के बाद अब सवाल यह उठ रहा है कि—
Author: Deepak Mittal










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