New Year Celebration : इन देशों में 1 जनवरी नहीं बल्कि अलग-अलग तारीखों पर मनाया जाता है ”नया साल”, जानें क्यों?

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Happy New Year 2026 : जब दुनिया 31 दिसंबर की आधी रात को आतिशबाजी के साथ नए साल (2026) का स्वागत करने की तैयारी कर रही होती है तब कई ऐसे देश और संस्कृतियां हैं जिनके लिए यह एक सामान्य दिन होता है।

दुनिया के कई हिस्सों में नया साल सौर मंडल, चंद्रमा की स्थिति और प्राचीन कैलेंडरों के आधार पर अलग-अलग महीनों में मनाया जाता है। आइए जानते हैं उन देशों और संस्कृतियों के बारे में जहां 1 जनवरी को नहीं बल्कि पारंपरिक तारीखों पर शुरू होता है साल।

चीन: वसंत महोत्सव (Lunar New Year)

चीन में नया साल ‘लूनर कैलेंडर’ (चंद्र कैलेंडर) के आधार पर मनाया जाता है। यह आमतौर पर 21 जनवरी से 20 फरवरी के बीच आने वाली अमावस्या से शुरू होता है। इसे वसंत महोत्सव कहते हैं जो 15 दिनों तक चलता है। इसमें ड्रैगन डांस, लाल रंग की सजावट और परिवार के मिलन की परंपरा है।

थाईलैंड: सोंगक्रान (Songkran)

थाईलैंड में नए साल का स्वागत पानी की बौछारों के साथ किया जाता है। पारंपरिक नया साल 13 से 15 अप्रैल के बीच मनाया जाता है। यह सौर कैलेंडर पर आधारित है। लोग एक-दूसरे पर पानी डालते हैं जिसे शुद्धिकरण और पुराने पापों को धोने का प्रतीक माना जाता है।

इथियोपिया: 13 महीनों का देश (Enkutatash)

इथियोपिया का कैलेंडर दुनिया के लिए सबसे हैरान करने वाला है। यहां नया साल 11 सितंबर को मनाया जाता है। इथियोपिया का अपना कैलेंडर है जिसमें 13 महीने होते हैं। दिलचस्प बात यह है कि यह देश ग्रेगोरियन कैलेंडर से लगभग 7-8 साल पीछे चलता है।

भारत और नेपाल: अप्रैल की नई शुरुआत

भारत और नेपाल में सांस्कृतिक और धार्मिक रूप से नया साल जनवरी में नहीं बल्कि वसंत ऋतु में शुरू होता है। हिंदू चंद्र कैलेंडर के अनुसार नया साल चैत्र नवरात्रि के पहले दिन से शुरू होता है। अलग-अलग राज्यों में इसे गुड़ी पड़वा, उगादी या बैसाखी के रूप में मनाया जाता है। नेपाल में विक्रम संवत को आधिकारिक कैलेंडर माना जाता है जिसका नया साल अप्रैल के मध्य में पड़ता है।

तिब्बत: लोसर (Losar)

तिब्बती बौद्ध संस्कृति में नए साल को ‘लोसर’ कहा जाता है। यह तिब्बती चंद्र कैलेंडर पर आधारित है और अक्सर फरवरी या मार्च में पड़ता है। इसमें मठों में विशेष प्रार्थनाएं और पारंपरिक नृत्य किए जाते हैं।

श्रीलंका: अलुथ अवुरुद्दा

श्रीलंका में सिंहली और तमिल समुदाय मिलकर अपना नया साल मनाते हैं। यह 13 या 14 अप्रैल को मनाया जाता है। यह त्योहार सूर्य के मीन राशि से मेष राशि में प्रवेश का प्रतीक है जो नई फसल और समृद्धि का संदेश लाता है।

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Author: Deepak Mittal

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