बेस किचन को बंद करने की तैयारी में रेलवे! अब क्लस्टर रसोई से यात्रियों को परोसा जाएगा खाना

Picture of Deepak Mittal

Deepak Mittal

नई दिल्ली। रेलवे धीरे-धीरे ट्रेन में या स्टेशन पर यात्रियों को परोसे जाने वाले खाने-पीने की सामानों की जिम्मेदारी से खुद को अलग करने की कवायद करने की शुरुआत कर दी है।

दरअसल, परोक्ष रूप से खाने रेलवे खाने पीने की व्यवस्था को बाजार के हवाले की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। बता दें कि रेलवे आईआरसीटीसी ने बेस किचन बंद कर क्लस्टर किचन चलाना शुरू कर दिया है। प्रतिस्पर्धा के नाम पर क्लाउड किचन के जरिए खाना ऑर्डर करने का विकल्प यात्रियों को दिया हया है। इसमें खाना की गुणवत्ता की जिम्मेदारी अब रेलवे की नहीं होगी।

वर्तमान में कौन संभालता है कि रेलवे में खान पान की जिम्मेदारी?

गौरतलब है कि रेलवे में खान-पान की व्यवस्था के लिए इंडियन कैटरिंग एंड इरोटो रेलवे टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) की जिम्मेदारी है। बता दें कि कच्चा सामान आईआरसीटीसी मार्केट से खरीदती थी। इसके बाद बेस किचन से खाना तैयार होता था। इस खाने के लिए IRCTC किसी निजी कंपनी को ठेका देती थी।

अब बेस किचन बंद कर कल्सटर किचन शुरू हो रहा है। रेलवे प्रवक्ता दिलीप कुमार के अनुसार, जो कंपनियां खाना परोसने का काम करती हैं। वही क्लस्टर किचन में खाना तैयार करेंगी। इस दौरान खाना को हाइजिनीक रूप से तैयार किया जाए इसकी देखरेख रेलवे के लोग करेंगे। बता दें कि अभी तक खाना रेलवे के विभिन्न ट्रेनों में परोसने के लिए किचन में बनता था।

कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि क्लस्टर किचन के अलावा क्लाउड किचन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। इसमें यात्री सफर के दौरान रेल वन एप या अन्य किसी एप के जरिए बाजार से खाना मंगा सकते हैं। हालांकि, इस खाने की जिम्मेदारी रेलवे की नहीं रहेगी।

रेलवे क्यों उठा रहा ये कदम?

रेलवे के इन नए बदलाव को लेकर एक रेल अधिकारी ने बताया कि ट्रेनों और स्टेशनों पर खानपान की क्वालीटी बेहतर करने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। खाने-पीने के सामान खरीदने से लेकर उसे अपने किचन में बनाने और फिर स्वयं से परोसने की जिम्मेदारी यदि एकीकृत हो, तो शिकायत में टालमटोल नहीं किया जा सकता है।

अधिकारी का कहना है कि वर्तमान व्यवस्था में जिम्मेदारी एक दूसरे पर टालने की शिकायत मिल रही है। जिस कारण कई बार यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने यह भी बताया कि क्लाउड किचन यात्रियों के लिए केवल एक विकल्प है, ताकि वह सिर्फ रेल कैटरिंग के खाने पर निर्भर न रहें।

Deepak Mittal
Author: Deepak Mittal

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

October 2026
S M T W T F S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *