नई दिल्ली: लोकसभा में आज पेश किए गए ‘VB G RAM G’ बिल को लेकर संसद में जोरदार हंगामा देखने को मिला। विपक्षी दलों ने इस बिल का तीखा विरोध किया है। केंद्र सरकार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को समाप्त कर उसके स्थान पर नया ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून लाने का प्रस्ताव रखा है, जिसे ‘VB G RAM G’ बिल नाम दिया गया है।
सरकार का दावा है कि इस नए कानून के तहत ग्रामीणों को 100 दिन के बजाय 125 दिन रोजगार की गारंटी दी जाएगी। हालांकि विपक्ष का कहना है कि नाम बदलने और ढांचे में बदलाव से गरीबों के अधिकार कमजोर होंगे।
क्या है ‘VB G RAM G’ का फुल फॉर्म?
अधिकतर लोग इस संक्षिप्त नाम को लेकर असमंजस में हैं। दरअसल,
‘VB G RAM G’ की फुल फॉर्म है —
विकसित भारत गारंटर फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)
जिसका मतलब इस प्रकार है—
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V – विकसित
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B – भारत
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G – गारंटर फॉर
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R – रोजगार एंड
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A – आजीविका
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M – मिशन
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G – ग्रामीण
विपक्ष का तीखा हमला
इस बिल को लेकर विपक्ष ने सरकार पर जमकर निशाना साधा है। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा,
“मुझे नाम बदलने की यह सनक समझ नहीं आती। इसमें भारी खर्च होता है, फिर भी बेवजह ऐसा क्यों किया जा रहा है। मनरेगा ने गरीबों को 100 दिन के रोजगार का अधिकार दिया था। यह नया बिल उस अधिकार को कमजोर करेगा।”
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भले ही रोजगार के दिनों की संख्या बढ़ाई गई हो, लेकिन मजदूरी नहीं बढ़ाई गई। साथ ही, पहले जहां ग्राम पंचायत तय करती थी कि काम कहां और कैसे होगा, अब यह अधिकार केंद्र सरकार अपने हाथ में लेना चाहती है।
NDA सहयोगी दलों ने भी उठाए सवाल
दिलचस्प बात यह है कि NDA की सहयोगी पार्टी, चंद्रबाबू नायडू की पार्टी ने भी इस बिल को लेकर सवाल खड़े किए हैं। पार्टी ने आशंका जताई है कि इससे राज्य सरकारों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा। हालांकि, इसके बावजूद पार्टी सरकार को समर्थन देने के लिए तैयार नजर आ रही है।
संसद में बढ़ता सियासी घमासान
कुल मिलाकर, ‘VB G RAM G’ बिल सिर्फ एक नया कानून नहीं, बल्कि मनरेगा की विरासत, गरीबों के अधिकार और केंद्र-राज्य शक्तियों के संतुलन को लेकर बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुका है। आने वाले दिनों में इस बिल पर संसद के भीतर और बाहर सियासी टकराव और तेज होने के आसार हैं।
Author: Deepak Mittal










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