दुर्ग में जमीन व्यापारियों पर बर्बर लाठीचार्ज , BJP शासन में प्रॉपर्टी कारोबारी बने निशाना

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Deepak Mittal

दुर्ग।छत्तीसगढ़ में नई कलेक्टर गाइडलाइंस लागू होने के बाद जमीन की कीमतों में 5 से 9 गुना तक की अचानक वृद्धि ने पूरे प्रदेश में हड़कंप मचा दिया है। इस अतार्किक बढ़ोतरी से सबसे ज्यादा मार पड़ी है प्रॉपर्टी और जमीन कारोबारियों पर, जिनकी रोज़ी-रोटी पर सीधा खतरा मंडरा रहा है।


इसी फैसले के खिलाफ पिछले पाँच दिनों से व्यापारी शांतिपूर्ण ढंग से विरोध कर रहे थे, लेकिन सोमवार को BJP शासन के दौरान दुर्ग में हालात तब बिगड़ गए जब शांतिपूर्ण प्रदर्शन को पुलिस बल प्रयोग से कुचलने की कोशिश की गई।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर अचानक लाठीचार्ज — सड़क पर दौड़ा–दौड़ाकर पीटा


आरोप है कि प्रदर्शन स्थल पर मौजूद पुलिस ने बिना किसी उकसावे के जमीन व्यापारियों पर अचानक लाठीचार्ज कर दिया।
मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि पुलिस ने न सिर्फ लाठियाँ बरसाईं, बल्कि प्रदर्शनकारियों को सड़क पर दौड़ा–दौड़ाकर पीटा।


कई व्यापारी चोटिल हो गए और बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में ले लिया गया।
कलेक्ट्रेट और रजिस्ट्रार कार्यालय के बाहर छह थानों की अतिरिक्त पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई, मानो व्यापारी नहीं, कोई दुश्मन सेना खड़ी हो।
व्यापारियों की पीड़ा — “हमारा अपराध क्या है? हम अपने परिवार का गुजारा बचाने निकले हैं”
जमीन व्यापारी कन्हैया मिश्रा ने गुस्से और दर्द से भरी आवाज़ में कहा—
“हमारा अपराध क्या है? हम न नौकरी पा सकते हैं, न दूसरा धंधा। जमीन हमारा एकमात्र व्यापार है। सरकार ने पहले कीमतें आसमान पर पहुंचाईं और अब विरोध करने पर हम पर लाठियाँ बरसा रही है। यह अमानवीय और निंदनीय है।”
कई बुजुर्ग व्यापारियों ने भी कहा कि इतनी बड़ी बढ़ोतरी से उनका पूरा व्यापार ठप हो जाएगा, लेकिन सरकार संवाद की बजाय दमन का रास्ता चुन रही है।

कांग्रेस ने काले झंडे दिखाए — BJP शासन पर आरोप
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने भी जमीन कारोबारियों के समर्थन में काले झंडे दिखाकर विरोध किया और सरकार का पुतला दहन किया।उन्होंने BJP शासन पर आरोप लगाया कि “व्यापारियों को खत्म करने की सुनियोजित नीति के तहत महंगी गाइडलाइंस और पुलिस दमन लागू किया जा रहा है।”
पुलिस का बयान और व्यापारियों का कड़ा पलटवार
दुर्ग पुलिस ने बयान जारी कर दावा किया कि “भीड़ को हटाने के लिए हल्का बल प्रयोग” किया गया।लेकिन व्यापारी संगठनों ने इस बयान को खारिज करते हुए कहा—
“अगर यही ‘हल्का बल’ है तो भारी बल कैसा होता होगा? घायल व्यापारियों की हालत खुद गवाही दे रही है कि जो हुआ वह पूर्ण दमन था।”
व्यापारियों की मांग — तुरंत गाइडलाइंस वापस लो, लाठीचार्ज की जांच हो
व्यापारियों ने साफ कहा कि—
अव्यवहारिक नई गाइडलाइंस को तुरंत वापस लिया जाए
लाठीचार्ज की न्यायिक जांच कर दोषियों पर कार्रवाई हो
जमीन व्यापारियों की आजीविका बचाने के लिए सरकार ठोस कदम उठाए!

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Author: Deepak Mittal

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