जगदलपुर। छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के हालिया आत्मसमर्पण के बीच, केंद्रीय कमेटी ने एक बार फिर पत्र जारी कर साफ किया है कि उनका संघर्ष जारी रहेगा और वे किसी भी हालत में हथियार नहीं डालेंगे। पत्र में दो पूर्व सदस्यों, सोनू और सतीश, को गद्दार और पार्टी विरोधी करार दिया गया है।
नक्सलियों ने आरोप लगाया कि सोनू और सतीश ने अपने पद और जिम्मेदारी का दुरुपयोग कर निचले कैडर को भटकाने का प्रयास किया और संगठन की नीतियों को कमजोर करने की साजिश रची। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि कुछ पूर्व सदस्य अब सरकारी सुरक्षा एजेंसियों के संपर्क में हैं और संगठन की अंदरूनी जानकारी बाहर पहुंचा रहे हैं।
हालांकि, बस्तर में कई बड़े नक्सली कमांडर पहले ही आत्मसमर्पण कर चुके हैं। राज्य सरकार और पुलिस ने नक्सल उन्मूलन के लिए विकास और संवाद की नई पहलें शुरू की हैं। इस बीच जारी यह पत्र नक्सल संगठन में बढ़ती बेचैनी और आंतरिक असंतोष का संकेत माना जा रहा है।
सुरक्षा एजेंसियां अब इस पत्र की प्रामाणिकता और स्रोत की जांच में जुटी हैं। सूत्रों के अनुसार, यह पत्र बस्तर के दक्षिणी क्षेत्र से जारी किया गया था।
Author: Deepak Mittal









