आरंग में शुरू हुआ मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान, मुख्य सचिव ने दी औपचारिक शुरुआत

Picture of Deepak Mittal

Deepak Mittal

4 नवंबर से 4 दिसंबर तक घर-घर पहुंचेंगे BLO, नए नाम जोड़ने और डुप्लीकेट व मृत नाम हटाने की प्रक्रिया सुनिश्चित

रायपुर/छत्तीसगढ़:
छत्तीसगढ़ में आगामी चुनावी तैयारियों को मजबूत करने के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) अभियान शुरू कर दिया गया है। इस अभियान के तहत मतदाता सूची को पूरी तरह अद्यतन और त्रुटिरहित बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

मुख्य सचिव विकासशील ने स्वयं अपने शासकीय आवास पर इस अभियान में भाग लेकर अधिकारियों को आवश्यक दस्तावेज सौंपे और अभियान की औपचारिक शुरुआत की। इस मौके पर निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी अभिलाषा पैकरा, सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी विनोद साहू और बूथ लेवल अधिकारी (BLO) की टीम मौजूद रही।

मुख्य सचिव ने गणना प्रपत्र में अपने विवरण भरकर अधिकारियों को सौंपा और नागरिकों से अपील की कि वे अपने नाम की पुष्टि करें तथा आवश्यक संशोधन या नामांकन के लिए आवेदन करें।

BLO टीम घर-घर करेगी दौरा
अभियान 4 नवंबर 2025 से शुरू होकर 4 दिसंबर 2025 तक चलेगा। इस दौरान BLO टीम प्रत्येक घर जाकर गणना प्रपत्र वितरित करेगी और आवश्यक जानकारियां संकलित करेगी। अभियान का उद्देश्य नए मतदाताओं को सूची में जोड़ना और मृत, पलायन कर चुके या डुप्लीकेट नामों को हटाना है।

निर्वाचन आयोग की प्रमुख समय-सारणी:

  • गणना प्रपत्र भरने की अवधि: 4 नवंबर – 4 दिसंबर 2025

  • ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन: 9 दिसंबर 2025

  • दावा-आपत्ति की अवधि: 9 दिसंबर 2025 – 8 जनवरी 2026

  • सत्यापन एवं सुनवाई प्रक्रिया: 9 दिसंबर 2025 – 31 जनवरी 2026

  • अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन: 7 फरवरी 2026

पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर
अधिकारियों ने बताया कि इस प्रक्रिया में डेटा मिलान, भौतिक सत्यापन और डिजिटल रिकॉर्ड अपडेटिंग का उपयोग किया जा रहा है। प्रत्येक वार्ड और पंचायत में BLO टीम सक्रिय रहेगी ताकि कोई भी पात्र मतदाता छूट न जाए।

मुख्य सचिव ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे इस प्रक्रिया में सहयोग करें और सुनिश्चित करें कि मतदाता सूची पूरी तरह अद्यतन और सही बनी रहे।

Deepak Mittal
Author: Deepak Mittal

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

October 2026
S M T W T F S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *