निर्मल अग्रवाल ब्यूरो प्रमुख मुंगेली 8959931111
सरगांव – राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों में मूलभूत साक्षरता एवं संख्यात्मकता (एफ.एल.एन.) को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से राज्य स्तर पर एस.सी.ई.आर.टी. के निर्देशन एवं संभागीय स्तर पर डाइट पेंड्रा के मार्गदर्शन में जिला मुंगेली में तीन दिवसीय ऑनलाइन प्रशिक्षण का आयोजन किया गया।
प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को एफ.एल.एन. की अवधारणाओं, शिक्षण विधियों एवं सीखने की गतिविधियों से परिचित कराना था ताकि वे कक्षा में बच्चों को अधिक प्रभावी रूप से सिखा सकें। वर्तमान में पूरे राज्य में प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर रोक (बैन) लगी हुई है, किंतु प्राथमिक स्तर पर एफ.एल.एन. कार्यक्रम की आवश्यकता को दृष्टिगत रखते हुए इस विशेष प्रशिक्षण के आयोजन की अनुमति राज्य स्तर से प्रदान की गई।
इसी क्रम में सरगांव जोन अंतर्गत 12 संकुल केंद्रों के 52 शालाओं के प्रभारी शिक्षकों ने इस तीन दिवसीय ऑनलाइन प्रशिक्षण में सक्रिय रूप से भाग लिया। प्रशिक्षण में एफ.एल.एन. मेला मास्टर ट्रेनर एवं समन्वयक मोहन लहरी तथा लक्ष्मी कोशले के साथ प्रधानपाठक मोतीलाल अनंत ने प्रशिक्षण की रूपरेखा और विषयवस्तु को प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया। शिक्षक इस प्रशिक्षण के उपरांत 14 नवम्बर बाल दिवस पर सभी शालाओ में एक साथ एफ.एल.एन. मेला का आयोजन करेंगे।

साथ ही आगे भी बच्चों के अवधारणा को लेकर इस तरह का आयोजन होता रहेगा। कार्यक्रम के संचालन एवं पर्यवेक्षण में जिला स्तर पर डीआरजी अन्नपूर्णा परिहार, जितेंद्र वैष्णव तथा बीआरसी पथरिया अशोक यादव का विशेष योगदान रहा। उनके मार्गदर्शन में प्रशिक्षण सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। शिक्षकों ने इस प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताया और कहा कि इससे वे कक्षा में बच्चों के साथ सीखने-सिखाने की प्रक्रिया को और अधिक रोचक एवं परिणाममुखी बना सकेंगे।
इस तरह तीन दिवसीय ऑनलाइन प्रशिक्षण के माध्यम से एफ.एल.एन. की अवधारणा को जमीनी स्तर तक पहुँचाने का सशक्त प्रयास किया गया।शिक्षकों को विभिन्न मॉड्यूल्स, गतिविधि आधारित शिक्षण, गणित एवं भाषा के नवाचारपूर्ण अभ्यासों की जानकारी दी गई।कार्यक्रम के संचालन एवं पर्यवेक्षण में जिला स्तर पर डीआरजी अन्नपूर्णा परिहार, जितेंद्र वैष्णव तथा बीआरसी पथरिया अशोक यादव का विशेष योगदान रहा। उनके मार्गदर्शन में प्रशिक्षण सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।
शिक्षकों ने इस प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताया और कहा कि इससे वे कक्षा में बच्चों के साथ सीखने-सिखाने की प्रक्रिया को और अधिक रोचक एवं परिणाममुखी बना सकेंगे। इस तरह तीन दिवसीय ऑनलाइन प्रशिक्षण के माध्यम से एफ.एल.एन. की अवधारणा को जमीनी स्तर तक पहुँचाने का सशक्त प्रयास किया गया।
Author: Deepak Mittal










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