JDU Candidate List: जेडीयू की पहली लिस्ट में सन्नाटा, 57 में सिर्फ इतनी महिला उम्मीदवार, सबसे बड़ा चेहरा कौन?

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JDU female Candidates: बिहार विधानसभा चुनाव (2025) के लिए NDA में सीट बंटवारे के बाद, बुधवार (15 अक्टूबर, 2025) को जेडीयू ने अपने 57 प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर दी है। इस पहली लिस्ट में महिलाओं को सीमित प्रतिनिधित्व मिला है, जिसमें 57 उम्मीदवारों में सिर्फ चार महिलाएं शामिल हैं।

इन चार महिला उम्मीदवारों में सबसे चर्चित नाम गायघाट से कोमल सिंह का है, जो पहले LJP से चुनाव लड़ चुकी थीं और अब JDU के टिकट पर मैदान में हैं।

इस सूची में पार्टी ने महिला उम्मीदवारों को टिकट देने में सीमित रुचि दिखाई है, जहां केवल चार महिलाओं को ही मौका मिला है। हालांकि, जिन महिलाओं को टिकट दिया गया है, उनका राजनीतिक और पारिवारिक पृष्ठभूमि काफी मजबूत है।

कोमल सिंह (komal Sing): LJP से JDU तक का सफर

कोमल सिंह को गायघाट सीट से प्रत्याशी बनाया गया है।वह LJP (आर) सांसद वीणा देवी की बेटी हैं, जबकि उनके पिता दिनेश सिंह JDU से एमएलसी हैं। कोमल सिंह पहले LJP के टिकट पर 2020 में गायघाट से चुनाव लड़ चुकी थीं और तीसरे स्थान पर रही थीं। उस चुनाव में उनकी मौजूदगी ने JDU उम्मीदवार को हार का सामना करने पर मजबूर किया था। अब, यह सीट JDU के खाते में जाने के बाद उन्हें कैंडिडेट बनाया गया है, जिससे JDU ने न केवल सीट हासिल की है बल्कि एक मजबूत प्रतिद्वंद्वी को भी अपने पाले में कर लिया है।

अश्वमेघ देवी (Ashvamedh Devi)

अश्वमेघ देवी (समस्तीपुर): यह पूर्व सांसद 2020 विधानसभा चुनाव में इसी सीट से JDU के टिकट पर हारी थीं। उन्हें RJD के अख्तरुल इस्लाम शाहीन से शिकस्त मिली थी, लेकिन पार्टी ने एक बार फिर उन्हें मैदान में उतारा है।

रवीना कुशवाहा (Raveena Kushwaha JDU) की वापसी

रवीना कुशवाहा (विभूतिपुर): रवीना कुशवाहा के पति राम बालक सिंह 2020 में JDU के विधायक रह चुके हैं, लेकिन पिछला चुनाव हार गए थे। अब रवीना को टिकट देकर JDU ने इस सीट पर जीत सुनिश्चित करने के लिए पारिवारिक प्रभाव का सहारा लिया है।

सिंहेश्वर सीट से कविता साहा (Kavita Saha JDU) को भी टिकट

JDU की पहली लिस्ट में 57 में से सिर्फ चार महिलाओं को टिकट मिलना, यह दर्शाता है कि बिहार की राजनीति में महिला प्रतिनिधित्व अभी भी सशक्तिकरण के दावों से दूर है, जहाँ सीट जीतने की क्षमता और पारिवारिक पृष्ठभूमि ही टिकट पाने का मुख्य आधार बनी हुई है।

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Author: Deepak Mittal

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