रायपुर। छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा ने शनिवार को दो बड़े मुद्दों पर खुलकर बयान दिया। पहला नक्सलियों के हालिया शांति वार्ता प्रस्ताव को लेकर और दूसरा राज्य में हुए शराब घोटाले की जांच पर।
गृहमंत्री ने कहा कि नक्सली संगठन यदि वास्तव में शांति वार्ता चाहते हैं तो उन्हें सबसे पहले आम नागरिकों की हत्या करना बंद करनी होगी और जंगलों में प्लांट किए गए आईईडी हटाने होंगे। उन्होंने यह भी बताया कि नक्सलियों की ओर से अब तक दो पत्र मिले हैं। पहला पत्र नक्सली पोलित ब्यूरो सदस्य का है, जबकि दूसरा पत्र तेलंगाना के जूनियर कैडर का है। शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार शांति चाहती है, लेकिन इसके लिए नक्सलियों को भी अपना हिंसक रवैया छोड़ना होगा।
शराब घोटाले पर तीखा हमला
वहीं, बहुचर्चित शराब घोटाले की जांच पर गृह मंत्री विजय शर्मा ने पूर्व भूपेश सरकार को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा—
“ईडी की जांच में रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं। यह साफ हो गया है कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने प्रशासन को पूरी तरह से झोंक दिया था। बाहरी लोगों को शराब व्यापार का संरक्षण दिया गया। अच्छे-अच्छे अधिकारियों को भी दबाव में लाकर घोटालों में फंसाया गया।”
शर्मा ने कहा कि ईडी की जांच में लगातार चौंकाने वाली बातें सामने आ रही हैं। कांग्रेस भवन तक कैश के कार्टून पहुंचने का खुलासा बताता है कि पूरा सिस्टम किस तरह से भ्रष्टाचार की चपेट में था।
राजनीतिक हलचल तेज
गृहमंत्री के इस बयान ने प्रदेश की सियासत को और गर्मा दिया है। एक तरफ नक्सलियों के शांति वार्ता पत्र पर सरकार की मंशा स्पष्ट हो रही है, वहीं दूसरी तरफ शराब घोटाले में कांग्रेस पर लगातार निशाना साधा जा रहा है। आने वाले दिनों में इस मामले को लेकर राजनीतिक उठापटक और तेज होना तय है।
Author: Deepak Mittal










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