उत्तराखंड में मानसून का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा. मौसम विभाग ने प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अगले पांच दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए येलो अलर्ट घोषित किया है.
यह अलर्ट 14 सितंबर तक प्रभावी रहेगा, जिसमें पर्वतीय जिलों में तेज बारिश, आकाशीय बिजली गिरने और भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है.
मैदानी इलाकों में भी हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना है, जो जनजीवन को प्रभावित कर सकती है.
येलो अलर्ट के साथ तेज बारिश की शुरुआत
मौसम विभाग के अनुसार पूरे उत्तराखंड में येलो अलर्ट लागू है. पहाड़ी जिलों में आकाशीय बिजली के साथ तेज वर्षा हो सकती है, जबकि मैदानी क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है. विभाग ने चेतावनी दी है कि यह बारिश भूस्खलन और जलभराव का कारण बन सकती है.
उधम सिंह नगर और पहाड़ों में भारी वर्षा का अलर्ट
उधम सिंह नगर सहित पहाड़ी जिलों में गर्जना, बिजली चमकने और भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह दिन सबसे चुनौतीपूर्ण होगा, जहां नदियां उफान पर आ सकती हैं.
देहरादून, नैनीताल में भारी बारिश का खतरा
12 सितंबर से 14 सितंबर तक बारिश का दायरा बढ़ेगा. देहरादून, नैनीताल, पिथौरागढ़ और चंपावत जैसे जिलों में कुछ स्थानों पर भारी वर्षा दर्ज हो सकती है. विभाग ने अनुमान लगाया है कि मानसून की यह लहर पर्वतीय क्षेत्रों में बाढ़ और भूस्खलन को बढ़ावा देगी.
यात्रा टालें, नदियों से दूर रहें
मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे सतर्क रहें. विशेष रूप से:
- पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा से बचें.
- भूस्खलन प्रभावित इलाकों में सावधानी बरतें.
- नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोग सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं.
- बिजली गिरने से बचाव के लिए खुले स्थानों से दूर रहें.
उत्तराखंड आपदा प्रबंधन विभाग ने भी अलर्ट जारी किया है कि भारी बारिश से सड़कें अवरुद्ध हो सकती हैं. हाल ही में मानसून से प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य तेज कर दिए गए हैं.
Author: Deepak Mittal










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