बिलासपुर। बहुचर्चित शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार चैतन्य बघेल की जमानत याचिका पर सोमवार को हाईकोर्ट में करीब एक घंटे तक लंबी बहस हुई। इस दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अदालत को बताया कि बघेल के षड्यंत्र में शामिल होने से संबंधित पुख्ता दस्तावेज उनके पास मौजूद हैं।
गिरफ्तारी को बताया गैरकानूनी
चैतन्य बघेल ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपनी गिरफ्तारी को चुनौती दी है। उनका कहना है कि इस तरह की जांच कानूनन गलत है और पूरी कार्रवाई निरस्त की जानी चाहिए।
ED ने खोला राज
ईडी की ओर से पेश दस्तावेजों में दावा किया गया है कि बघेल की भूमिका सिर्फ सीमित नहीं बल्कि षड्यंत्र का अहम हिस्सा है। पहले एसीबी ने शराब घोटाले में अपराध दर्ज किया था और उसके बाद ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग का केस अलग से दर्ज किया।
सुनवाई फिर टली
सोमवार को हुई बहस के बाद हाईकोर्ट ने सुनवाई आगे बढ़ा दी। इससे पहले की सुनवाई में बघेल की ओर से अदालत को बताया गया था कि उन्हें जेल में बुखार, साफ पानी और जरूरी सुविधाओं की कमी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इस पर हाईकोर्ट ने ईडी और जेल अधीक्षक को स्वास्थ्य व सुविधाओं की जांच कर आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे।
अब सभी की निगाहें अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि चैतन्य बघेल को जमानत मिलेगी या उन्हें जेल में ही रहना होगा।
Author: Deepak Mittal










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