निर्मल अग्रवाल ब्यूरो प्रमुख मुंगेली 8959931111
मुंगेली- अनंत प्रेरणा सेवा समिति मुंगेली द्वारा “राष्ट्रोदय” भवन का लोकार्पण कार्यक्रम मे मुख्य वक्ता दीपक जी,अखिल भारतीय सह बौद्धिक शिक्षण प्रमुख द्वारा उदबोधन मे कहा कि सारे देश दुनिया में भारत एक विराट रूप लेता हुआ नजर आ रहा है।
जगत माता भारत माता सारे दुनिया का मार्गदर्शन कर रही होगी ऐसा विवेकानंद जी ने कहा था,पूजनीय सुदर्शन जी ने भी कुछ ऐसा ही कहा था और पिछले 20 वर्षों में एक चमत्कारी परिवर्तन दिख भी रहा है।राष्ट्र के उदय से जुड़ता यह समिति के कार्यालय का नाम है।बाहर के आदमी के लिए ये एक मकान जैसा है,ऑफिस जैसा है,वास्तव में स्वयंसेवकों में चैतन्य जागृत करने वाला प्रेरणा केंद्र है।
समर्थ गुरु रामदास ने पीड़ित त्रस्त भारत के लिए एक बलशाली सम्राट तैयार किया।सारे गांव गांव में अखाड़े स्थापित किए।तेजस्वी युवाओं को प्रशिक्षण दिए।ऐसे ही भूमिका में डॉक्टर हेडगेवार ने गांव गांव में शाखाएं ,क्षेत्रों के लिए प्रचारक और इनके रहने के लिए एक कार्यालय का स्वरूप दिया।कार्यालय की भूमिका जागरण केंद्र के रूप में होगी।अपने मुंगेली के लिए परम सौभाग्य की बात है।
अनंत लाल का नाम बड़े श्रद्धा से लिए जाते हैं।यह कार्य का आलय नहीं चेतना,जागरण का केंद्र बनना चाहिए।गुरुद्वारा जैसे ही यह क्षेत्र में चैतन्य निर्माता बनें।सौ वर्ष की संघ यात्रा की चली इसमें राष्ट्रोदय का सुंदर संयोग है।हमने कही विराम नहीं किया।हम लगातार चले यह हमारी विशेषता है।भारत की धरती से हमारा अधिष्ठान जुड़ा है।यह भारत का विचार ,सनातन,हिंदुत्व का विचार है।
उसी विचार को लेकर हम आगे चल रहे हैं।भारत की आत्मा केवल अध्यात्म में है।विवेकानंद ने पूरी दुनिया में भारत का परचम लहराया।कोलंबो टु अल्मोड़ा किताब में भारत माता के विचार के ही बाते कहीं।महर्षि दयानंद ने भारत का विचार वेदों के ऊपर आधारित करने के लिए कहा है।हम सब काम में लगे हैं,यह कार्यालय इन कामों में हमें आधार प्रदान करेगा ।हमारी कार्यपद्धति,शाखा के कारण ही दुनिया में संघ की चमक है।
पूरी दुनिया का केंद्र बिंदु आज आर एस एस के रूप में खड़ा है।संघ है तो हम सुरक्षित है ऐसा बहुत लोग मानते हैं।शाखा के कारण हमारी चकमक है।शाखा हमारे लिए अनिवार्य कर्तव्य का काम है।श्री गुरुजी ने एक किताब मै एक साधारण स्वयंसेवक हमारे लिए प्रेरणा दीप के सामान है।हम दुनिया में नंबर एक संगठन बनने के लिए काम कर रहें हैं क्या?नहीं।संघ समाज परिवर्तन का एक महा आंदोलन है।

ऐसा समाज बनाना है कि भारत सिरमौर बनें।शताब्दी वर्ष में 5 बातें शुरू करना।मेरा घर संघ का घर है।सामाजिक समरसता का पालन करना।मंदिर,प्रसाद,पानी सबके लिए समान अवसर मिलना चाहिए। दूसरा कुटुंब प्रबोधन का काम है।संस्कार,समय,परंपराएं,मान्यताएं,श्रेष्ठ संस्कार की बातें करना।अपने से शुरू करना।
पर्यावरण के विषय में घर से शुरू करना।प्लास्टिक हमारे लिए मौत का कारण बनने वाली है।हजारों हजार टन कचरा पड़ा है।भयावह है। मरने के लिए जितनी लकड़ी लगेगी उतनी पेड़ जरूर लगाएं।
नागरिक कर्तव्य का पालन करना।अंग्रेजों के विरुद्ध जैसे आंदोलन चला वैसे आजकल सरकारी संपत्तियों को नुकसान करने में हमे अच्छा लगता है।नागरिक अनुशासन का पालन करना।
स्वदेशी,स्वराष्ट्र,स्वधर्म को अपने जीवन में अभिव्यक्ति करना।भाषा भूषा,भोजन भजन,भ्रमण,भवन जैसे स्व का जागरण का करना।छोटी बातों का विचार करके व्यवहार करना।हस्ताक्षर अपनी मातृभाषा में करना। मां का स्थान देते हैं वैसे ही व्यवहार आचरित करना।देश महान बड़े लोगों से नहीं बनता है बल्कि जन सामान्य को देशात्म भाव का जागरण करें।
उक्त कार्यक्रम में सर्वप्रथम भारत मां के चित्र पर पुष्प अर्पित करके मंचस्थ अतिथियों ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया फिर सभी का परिचय हुआ,रामरूपदास महात्यागी महराज मदकू ने आशीर्वचन प्रदान किया।इस अवसर पर टोपलाल वर्मा प्रांत संघचालक,राजकुमार सचदेव विभाग संघचालक,नरेश अग्रवाल,जिला संघ चालक मुंगेली लव सिंह नगर संघ चालक मुंगेली नगर प्रेम शंकर सिदार मध्य क्षेत्र सह क्षेत्र प्रचारक, नारायण नामदेव सह प्रांत प्रचारक, चंद्रशेखर वर्मा पूर्व प्रांत कार्यवाह, विजय देवांगन पश्चिम क्षेत्र संपर्क प्रमुख,पवन साय संगठन महामंत्री,उत्तर यादव,प्रकाश लोढ़ा,तोखन साहू केंद्रीय राज्यमंत्री,अरुण साव उप मुख्यमंत्री, धरम लाल कौशिक,विधायक बिल्हा अमर अग्रवाल विधायक बिलासपुर ,रामधन रजक,प्रदीप शर्मा,गणपति रॉयल,गोवर्धन देवांगन सहित सभी देवतुल्य कार्यकर्ताओं की उपस्थिति रही।राजकुमार कश्यप और ताकेश्वर साहू ने आगंतुक अतिथियों का परिचय कराया।कार्यालय निर्माण में विजय नंदवानी सहित सैकड़ों राष्ट्र सेवक,समाज जनों बंधु भगिनी का सहयोग प्राप्त हुआ।

Author: Deepak Mittal
