नोएडा: देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सीएम योगी आदित्यनाथ नोएडा के सेक्टर-81 में स्थित राफे एम फाइबर कंपनी पहुंचे। ऑपरेशन सिंदूर में जिस ड्रोन ने पाकिस्तान के होश उड़ा दिया था, उस कंपनी की नोएडा यूनिट का राजनाथ सिंह और योगी आदित्यनाथ ने लोकार्पण कर रहे हैं।
पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान के होश उड़ाने वाली ये कंपनी हाईटेक ड्रोन, एयरक्राफ्ट इंजन और डिफेंस एरोस्पेस सिस्टम डेवलप करती है। इस कंपनी के निर्मित ड्रोन ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इस्तेमाल हुए थे।
नोएडा में शनिवार दोपहर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ पहुंचे हैं। ये दोनों नेता नोएडा सेक्टर-81 स्थित राफी मोहिब ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का निरीक्षण करेंगे। इसके अलावा वह रक्षा उपकरण और इंजन टेस्ट फैसिलिटी का लोकार्पण करेंगे। इस यूनिट का नाम देशभर में तेजी से उभरते हुए एयरोस्पेस और डिफेंस सेक्टर के रूप में जाना जाता है। उनका यह दौरा सुरक्षा और औद्योगिक दृष्टिकोण से बेहद अहम माना जा रहा है। राफी मोहिब कंपनी ने हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान उपयोग में आए ड्रोन का निर्माण किया था। जिसने रक्षा तंत्र को मजबूती प्रदान की।
#WATCH नोएडा, उत्तर प्रदेश: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह नोएडा स्थित राफे एमफिब्र कंपनी पहुंचे, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका स्वागत किया।
वे यहां रक्षा उपकरण और ड्रोन निर्माण इकाई के उद्घाटन समारोह में शामिल होंगे। pic.twitter.com/kJGBlthLcu
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 30, 2025
‘मेक इन इंडिया’में निभा रही अहम भूमिका
इतना ही नहीं, यह यूनिट एयरोस्पेस सिस्टम निर्माण में भी बड़ी भूमिका निभा रही है और ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के तहत मॉडर्न ड्रोन विकसित कर रही है। कंपनी के 700 से ज्यादा ड्रोन का प्रयोग आपरेशन सिंदूर के तहत किया गया। जिसने दुश्मन की लोकेशन से लेकर कई अहम रोल अदा किए। गौरतलब है कि राफे एम फाइबर को फंड रेजिंग के माध्यम से 100 मिलियन डॉलर से भी ज्यादा यानी लगभग 850 करोड़ रुपये की फंडिंग मिली है।
850 करोड़ जुटाए हैं कंपनी ने
खास बात यह है कि इस कंपनी के ड्रोन्स को ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेनाओं ने इस्तेमाल किया। ड्रोन्स ने अपने मिशन को सफलतापूर्वक पूरा किया। राफे एम फाइबर एक भारतीय डिफेंस एंड एयरोस्पेस स्टार्टअप है। कंपनी को ऑपरेशन सिंदूर के बाद ग्लोबल इन्वेस्टमेंट कंपनी जनरल कैटलिस्ट के जरिए लगभग 850 करोड़ का फंड मिला है।

Author: Deepak Mittal
