“बस्तर में 7 लाशें, 200 ढहे घर… 53 साल बाद डंकनी का रौद्ररूप, बाढ़ से तबाही की इंद्रावती कहानी

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दंतेवाड़ा। बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा जिले में भारी बारिश और बाढ़ ने तबाही मचा दी है। बीते 3 दिनों की मूसलाधार बारिश से हालात इतने बिगड़े कि:

  • 7 लोगों की मौत हो चुकी है

  • 200 से ज्यादा मकान ढह गए

  • 100 से ज्यादा गांव जिला मुख्यालय से कट ऑफ हो गए हैं

  • 2196 लोग राहत शिविरों में शिफ्ट किए गए

  • अब तक का नुकसान 50 करोड़ रुपये से अधिक आंका गया है

 नेशनल हाईवे ठप, पुल बहा, वायुसेना की एंट्री:

  • पनेड़ा के पास नेशनल हाईवे का पुल बह गया,

  • 20 घंटे तक यातायात पूरी तरह ठप रहा,

  • पुल के दोनों ओर बसों और ट्रकों की लंबी कतारें लगी रहीं

  • वायुसेना को रेस्क्यू ऑपरेशन में लगाना पड़ा

 डंकनी का 53 साल बाद प्रचंड रूप:

1972 के बाद पहली बार डंकनी नदी ने ऐसा कहर बरपाया है। इंद्रावती नदी का जलस्तर बढ़ने से शंखनी-डंकनी की धारा अवरुद्ध हो गई, जिससे आस-पास के गांव पानी में समा गए

मुख्यमंत्री साय का निर्देश:

सीएम विष्णु देव साय ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा और बस्तर जिलों के अधिकारियों से राहत कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा:

“जनता की जान बचाना सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी राहत शिविरों में भोजन, चिकित्सा और जरूरी सामग्री तत्काल उपलब्ध कराएं।”

आपदा राहत आयुक्त रीना बाबासाहेब कंगाले ने बताया कि अभी तक 4 जिलों में 43 राहत शिविर स्थापित किए गए हैं।

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Author: Deepak Mittal

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