संकुल शैक्षिक समन्वयक संघ ने नए शिक्षा मंत्री के बयान का किया स्वागत

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निर्मल अग्रवाल ब्यूरो प्रमुख मुंगेली 8959931111

मुंगेली- छत्तीसगढ़ संकुल शैक्षिक समन्वयक शिक्षक संघ की प्रांत स्तरीय बैठक(वर्चुअल) आयोजित किया गया। बैठक की अध्यक्षता प्रदेशाध्यक्ष डॉ पूर्णानंद मिश्रा ने किया। बैठक में संकुल समन्वयकों की समस्याओं और मांग पर विस्तार से चर्चा परिचर्चा हुई। संगठन की मजबूती को बढ़ाने के लिए रामचंद्र सोनवंशी को कार्यकारी प्रांताध्यक्ष की नवीन जिम्मेदारी सौंपी गई। ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के नए शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कार्यभार संभालते ही विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित कर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए।

मंत्री ने शिक्षा गुणवत्ता पर जोर देते हुए कहा कि संकुल शैक्षिक समन्वयक (सीएसी) को भी अध्यापन कार्य में शामिल किया जाए। इस बयान का छत्तीसगढ़ संकुल शैक्षिक समन्वयक शिक्षक संघ के प्रांताध्यक्ष डॉ पूर्णानंद मिश्रा ने स्वागत किया है। मिश्रा ने कहा है कि शिक्षा गुणवत्ता में गुणोत्तर वृद्धि के लिए यह आवश्यक भी है,,,शिक्षा मंत्री के सोच की संगठन ने प्रशंसा की है,उनका यह मानना कि समन्वयक के अध्यापन कार्य से शिक्षा में गुणवत्ता दिखेगा, उनका समन्वयकों के प्रति सम्मान है,शैक्षिक संकुल समन्वयक के संगठन ने स्पष्ट कहा है कि प्रदेश के सभी 5547 संकुल शैक्षिक समन्वयक प्रतिदिन मूल शाला में 3 पीरियड अध्यापन कार्य करने के बाद संकुल क्षेत्र में शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने के लिए कार्य कर रहे हैं।

और शासन के हर आदेश को छात्र व शिक्षा के हितार्थ शाला के अंतिम छात्र तक पहुंचाने का कार्य कर रहे है संकुल समन्वयक शिक्षा के क्षेत्र में राज्य को पहले स्थान पर लेकर जाने की योग्यता भी रखते है,, संघ में कार्यकारी प्रांताध्यक्ष रामचंद्र सोनवंशी ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नियुक्त किए गए संकुल समन्वयकों से लगातार ऐसे कार्य कराए जा रहे हैं जिनका शिक्षा से कोई सीधा संबंध नहीं है वर्तमान में समन्वयकों से जाति ,निवास व आय प्रमाण पत्र निर्माण, शासकीय योजनाओं का प्रचार-प्रसार,मध्याहन भोजन ऑनलाइन प्रपत्र, वेतन भुगतान प्रपत्र,पाठ्यपुस्तक ऑनलाइन, छात्रवृत्ति ऑनलाइन, निर्माण कार्य की जानकारी, जर्जर भवन मरम्मत जानकारी, गणवेश वितरण,एक पेड़ मां के नाम,इंस्पायर अवार्ड ऑनलाइन, नवोदय विद्यालय परीक्षा ऑनलाइन, शाला सुरक्षा प्रशिक्षण, सायबर सुरक्षा, रोड सुरक्षा,उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम, ऑनलाइन उपस्थिति भेजना,आयरन एवम फोलिक एसिड टेबलेट,कृमिनाशक दवा,छत्तीसगढ़ राज्य रजत जयंती कार्यक्रम, मतदाता जागरूकता अभियान, स्वच्छ भारत अभियान,किचन गार्डन तैयार करना,मध्याहन भोजन मॉनिटरिंग, ग्राम सभा मे उपस्थिति सहित अनेक गैर शिक्षकीय कार्य कराए जा रहे हैं,संकुल समन्वयक को विकास खंड शिक्षा अधिकारी,विकास खंड स्रोत केंद्र समन्वयक,तहसीलदार,स्वास्थ्य सी एम ओ, एस डी एम,के साथ साथ विकास खंड स्तर पर अन्य विभाग के अधिकारी भी कभी भी कोई भी आदेश थमा देते हैं जो पूर्णतः अव्यावहारिक रहता है,, यहां तक कि गिरदावरी और सोसायटी में चावल बांटने जैसे तक के कार्यों में भी समन्वयकों की ड्यूटी लगा दी जाती है.

संकुल शैक्षिक समन्वयक संघ के उप प्रांताध्यक्ष ओमप्रकाश बघेल ने स्पष्ट कहा कि इन कार्यों के चलते विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है तथा मुख्यमंत्री गुणवत्ता अभियान 2025, मिशन 90 प्लस,एफ.एल.एन., राष्ट्रीय पाठ्यचर्या, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 जैसे शिक्षा उन्नयन अभियानों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। उन्होंने शिक्षामंत्री से माँग किया है कि समन्वयकों को केवल शैक्षिक कार्यों तक सीमित रखा जाए ताकि शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार हो सके।

प्रांतीय महासचिव मोहन लहरी ने बताया कि शिक्षकों के गैर-शिक्षकीय कार्यों पर राइट टू एजुकेशन (RTE) अधिनियम, 2009 में धारा 27 “शिक्षकों को केवल शिक्षण और उससे जुड़े कार्यों के लिए ही लगाया जाएगा।
गैर-शिक्षकीय कार्यों में केवल जनगणना, आपदा प्रबंधन और निर्वाचन कार्य ही शामिल होंगे।”, Election Commission of India बनाम State of Haryana (1995, AIR 1995 SC 308) में सुप्रीम कोर्ट ने माना कि चुनाव आयोग को शिक्षक को निर्वाचन कार्य में लगाने का अधिकार है। लेकिन अन्य गैर-शैक्षिक कार्यों में शिक्षकों की ड्यूटी लगाना शिक्षा के अधिकार के खिलाफ है , Avinash Mehrotra बनाम Union of India (2009, 6 SCC 398) में न्यायालय ने कहा कि बच्चों का शिक्षा का अधिकार (अनुच्छेद 21A) सर्वोच्च है। शिक्षकों को गैर-शैक्षिक कार्यों में लगाना इस मौलिक अधिकार का हनन है।, Election Commission of India बनाम State of Uttar Pradesh (2007, 11 SCC 621) में कोर्ट ने पुनः कहा कि शिक्षक निर्वाचन कार्य कर सकते हैं, परंतु अन्य प्रशासनिक/विभागीय कार्यों के लिए नहीं लगाए जाएँ। मुंगेली जिलाध्यक्ष नेमीचंद भाष्कर ने शिक्षामंत्री से मांग की है कि शिक्षक व समन्वयकों को केवल पढ़ाई, प्रशिक्षण, शैक्षणिक और सीमित प्रशासनिक कार्यों (जनगणना, चुनाव, आपदा प्रबंधन) में लगाया जावे अन्य सभी गैर-शैक्षिक कार्य कानून और आदेशों का उल्लंघन हैं। अतः उन्हें गैर शिक्षकीय कार्यो से मुक्त रखा जावे। बैठक में प्रांतीय पदाधिकारी, संभागाध्यक्ष, जिलाध्यक्ष, जिला सचिव व ब्लॉक अध्यक्षों की उपस्थिति रही।

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Author: Deepak Mittal

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