सेना की वर्दी, नकली ID और बैग में गांजा! यूपी के दो तस्कर पकड़े गए… लेकिन असली कहानी तो अब शुरू हुई है!
फौजी बनने का ढोंग, ट्रेन में फर्जी टिकट और भारी मात्रा में नशा – क्या ये सिंडिकेट देशभर में फैला है?
बिलासपुर, छत्तीसगढ़ –उसलापुर रेलवे स्टेशन पर सोमवार को पुलिस ने एक बड़े गांजा तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया। यूपी के दो आरोपी, खुद को सेना का जवान बताकर पुलिस को चकमा देने की कोशिश कर रहे थे – लेकिन अफसरों की सतर्कता ने सच्चाई सामने ला दी।
कैसे हुआ खुलासा?
ACCU और सिविल लाइन थाना की टीम को संदेहास्पद गतिविधियों की सूचना मिली। स्टेशन पर तैनात टीम ने जैसे ही दो संदिग्धों को रोका, वे भागने लगे।
पकड़े जाने पर 25 वर्षीय रूपेश सिंह ने भारतीय सेना का फर्जी पहचान पत्र दिखाया और खुद को फौजी बताया। लेकिन शक होने पर जब गहराई से पूछताछ की गई, तो सच सामने आ गया — ID पूरी तरह फर्जी थी।
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ने इसी नकली ID का इस्तेमाल कर ट्रेन की टिकट भी बनवाई थी।
गांजा और मोबाइल फोन जब्त
-
आरोपी:
◼️ रूपेश सिंह, निवासी प्रयागराज, यूपी
◼️ विनोद कुमार सिंह, निवासी प्रतापगढ़, यूपी -
बरामद:
◼️ 21 किलो 100 ग्राम गांजा
◼️ मोबाइल फोन
◼️ नकली सेना ID
सिंडिकेट की तलाश शुरू
पूछताछ जारी है – पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि
गांजा कहां से लाया गया था?
किन-किन राज्यों में सप्लाई होनी थी?
इस गिरोह में और कौन-कौन शामिल है?
इस केस में अब NDPS एक्ट और फर्जी दस्तावेज़ बनाने की धाराएं (BNS) जोड़ी गई हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही इस पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।

Author: Deepak Mittal
