बालको की शान तो छत्तीसगढ़ का अभिमान हीरामणी वैष्णव

Picture of Deepak Mittal

Deepak Mittal

प्रसिद्ध कवि हीरामणी वैष्णव के साथ ब्यूरो प्रमुख निर्मल अग्रवाल की विशेष वार्ता

श्री हीरामणी वैष्णव का जन्म 27 अक्टूबर 1994 को छत्तीसगढ़ की मां शबरी की जन्मभूमि शिवरीनारायण के समीप स्थित छोटे से गांव खपरीडीह में हुआ। बचपन से ही वे अपने दादाजी, स्वर्गीय श्री बद्रीदास वैष्णव के सान्निध्य में रहते हुए कविता की ओर आकर्षित होने लगे। यही स्नेहिल वातावरण उनके काव्य-संस्कारों की नींव बना।

टीवी के पर्दे से कविता तक का पहला स्पर्श

कक्षा तीसरी में पढ़ाई के दौरान ही “जी स्माइल” चैनल पर प्रसारित होने वाले शो “क्योंकि ये है हास्य कवि मुकाबला” में कवियों को मिलते विषयों से प्रेरित होकर उन्होंने स्वयं भी उन टॉपिक्स पर कविताएं रचनी शुरू कर दीं। वे अपनी रचनाएं अपने दादाजी को सुनाते और इसी अभ्यास से कविता की एक कोमल और गंभीर भावना उनके भीतर जागृत हुई। इसके बाद जब उन्होंने डॉ. कुमार विश्वास की प्रसिद्ध कविता “कोई दीवाना कहता है…” सुनकर कविताओं के प्रति आकर्षण और गहराता चला गया।

मशीनों के बीच कविताओं की सृजनशीलता

भारत की प्रमुख औद्योगिक संस्था भारत एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) और वेदांता समूह में प्रोसेस टेक्नीशियन के रूप में कार्यरत श्री वैष्णव, संयंत्र की मशीनों के बीच रहते हुए भी सामाजिक कुरीतियों और मानवीय संवेदनाओं पर तीखे और भावनात्मक कटाक्ष कर सहज हास्य पैदा करने में माहिर हैं। तीन अलग-अलग शिफ्टों में काम करना और फिर मंचीय काव्य की दुनिया को समय देना उनके लिए चुनौतीपूर्ण है, लेकिन आज सभी अधिकारियों और सहकर्मियों का सहयोग उनकी सबसे बड़ी ताकत बन गई है।

अवसर मिला फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा

23 सितम्बर 2018 को पत्थर्रीपारा, कोरबा (छत्तीसगढ़) में हास्य-व्यंग्य के कवि बलराम राठौर ने उन्हें जीवन का पहला मंच प्रदान किया जिसके बाद पांच वर्षों के निरंतर परिश्रम का फल उन्हें 27 अक्टूबर 2022 को मिला, जब वे प्रसिद्ध कवि शैलेष लोढ़ा के संचालन में प्रसारित शेमारू टीवी के कार्यक्रम “वाह भाई वाह” में नजर आए और वहीं से वे देशभर में प्रसिद्ध हो गए।

राज्य से निकल, देशभर में गूंज रहा नाम

राज्य के बाहर उनका पहला कवि सम्मेलन 4 मार्च 2023 को सूरत (गुजरात) में हुआ, जहाँ ओज कवि हिमांशु हिंद और पत्रिका के प्रमुख संपादक प्रदीप जोशी ने उन्हें आमंत्रित किया। इसके बाद उन्होंने दिल्ली, गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, उड़ीसा और बिहार सहित 13 राज्यों में 500 से अधिक कवि सम्मेलनों में प्रस्तुति देकर वर्तमान श्री वैष्णव प्रदेश के सबसे व्यस्ततम कवि हैं।

सबसे बड़ा पुरस्कार श्रोताओं की मुस्कुराहट

हीरामणी वैष्णव के अनुसार, मंच पर कविता सुनाते समय जब श्रोता तालियां बजाते हैं, हँसते हैं, ठहाके लगाते हैं। वही उनकी सबसे बड़ी कमाई और वास्तविक पुरस्कार है। उनके अब तक के सबसे प्रतिष्ठित मंचों में दूरदर्शन, शेमारू टीवी का ‘वाह भाई वाह’, लोरमी के कवि सम्मेलन सहित बिलासपुर में उपमुख्यमंत्री अरुण साव के जन्मदिन पर हुआ कार्यक्रम सर्वाधिक उल्लेखनीय है।

सोशल मीडिया पर मचा रहे हैं धमाल

आज हीरामणी वैष्णव देश के युवा कवियों में सर्वाधिक वायरल कवि हैं। सोशल मीडिया पर उनकी जबरदस्त लोकप्रियता का अंदाज़ा इंस्टाग्राम, फेसबुक और यूट्यूब पर उनके 3 लाख से अधिक फॉलोवर्स और पचास से अधिक वीडियोज पर आए मिलियन व्यूज़ से लगाया जा सकता है। उनके कंटेंट की गुणवत्ता का प्रमाण यह है कि उनके वीडियो को देश की सबसे बड़ी राजनैतिक पार्टी भारतीय जनता पार्टी के ऑफिशियल सोशल मीडिया हैंडल से ट्वीट किया गया है।

राजनीति से लेकर समाज तक हर मंच पर चर्चा

उनकी रचनाओं को सिर्फ श्रोता ही नहीं, बल्कि राजनीति के बड़े चेहरे भी सराह चुके हैं। मध्यप्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव, कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा और झारखंड विधायक पूर्णिमा दास साहू,बीकापुर अयोध्या विधायक डॉ. अमित सिंह, मुरादाबाद विधायक रितेश कुमार गुप्ता, रायपुर विधायक राजेश मूणत, खरगोन लोकसभा सांसद गजेंद्र कुमार, गुजरात राजसभा सांसद राम मोकारिया सहित देशभर की तमाम बड़े नेताओं ने अपने निजी सोशल मीडिया अकाउंट्स से उनकी रचनाओं को पोस्ट किया है।

आगामी कार्यक्रमों की लंबी सूची

आगामी कवि सम्मेलनों में 23 अगस्त गोरखपुर, 24 अगस्त रायबरेली, 28 अगस्त शिवरीनारायण, 29 अगस्त कोरबा, 30 अगस्त अलीराजपुर (मध्यप्रदेश), 31 अगस्त केकड़ी (राजस्थान), 1 सितंबर इंदौर, 2 सितंबर नरसिंहपुर, से लेकर 15 नवंबर मैहर, 24 नवंबर बिलासपुर, 28 नवंबर लखनऊ तक कार्यक्रमों की लंबी फेहरिस्त शामिल है।

उद्देश्य:भारत का गौरवगान और प्रत्येक चेहरे पे मुस्कान

प्रसिद्घ कवि ,बालको की शान व छत्तीसगढ़ के अभिमान बन चुके हीरामणी वैष्णव ने हमारे संवाददाता निर्मल अग्रवाल को विशेष चर्चा के दौरान बताया कि वे-

अपनी कविताओं के माध्यम से भारत का गौरवगान और विश्व के प्रत्येक व्यक्ति के चेहरे में मुस्कान बिखेरने के उद्देश्य लिए बड़ी तेजी से कविताओं के उच्च से उच्चतर मंचों पर अपनी जादुई शैली की छाप अंकित कर रहे हैं जो सम्भव हुआ है सुधि श्रोताओं से जिनसे अनवरत स्नेह मिल रहा है।

Deepak Mittal
Author: Deepak Mittal

Leave a Comment

August 2025
S M T W T F S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31  

Leave a Comment