स्कूल में बच्चों को परोसा गया कुत्ते का जूठा खाना : हाईकोर्ट का कड़ा रुख, 84 छात्रों को मुआवजा और शिक्षा सचिव से मांगा जवाब

Picture of Deepak Mittal

Deepak Mittal

जे के मिश्र
जिला ब्यूरो चीफ
नवभारत टाइम्स24*7in
बिलासपुर

बिलासपुर छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में स्कूली बच्चों को कुत्ते का झूठा भोजन परोसे जाने की घटना को लेकर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति बी.डी. गुरु की खंडपीठ ने मामले में राज्य सरकार को 84 छात्रों को ₹25-25 हजार मुआवजा एक माह में देने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने इसे घोर लापरवाही और बच्चों की जान के साथ खिलवाड़ करार दिया।

यह घटना 28 जुलाई 2025 को पलारी विकासखंड के लच्छनपुर शासकीय स्कूल की है, जहां जय लक्ष्मी स्व सहायता समूह द्वारा तैयार मिड-डे मील को कुत्ते ने मुंह लगाया, लेकिन शिक्षकों की जानकारी के बावजूद वही भोजन छात्रों को परोसा गया। इसके बाद बच्चों को एंटी-रेबीज वैक्सीन की तीन खुराक लगानी पड़ी। हाईकोर्ट ने इस मामले में स्वतः संज्ञान लिया।

घटना की जांच के लिए गठित एसडीएम और बीईओ की टीम ने 2 अगस्त को गांव में जाकर बयान दर्ज किए। जांच में साफ हुआ कि शिक्षकों को घटना की जानकारी थी, लेकिन फिर भी भोजन हटाने के बजाय परोसने की अनुमति दी गई।
रिपोर्ट आने के बाद:

प्रधानपाठक संतोष कुमार साहू, क्लस्टर प्रमुख और अन्य शिक्षकों को निलंबित किया गया

तीन शिक्षकों की एक-एक वेतन वृद्धि रोकी गई

जय लक्ष्मी स्व सहायता समूह को मिड-डे मील योजना से हटाया गया और भविष्य में किसी भी सरकारी योजना से वंचित कर दिया गया

शिक्षा सचिव से शपथपत्र मांगा गया

हाईकोर्ट ने शिक्षा सचिव को निर्देशित किया है कि वे शपथ पत्र के माध्यम से बताएं:

क्या सभी 84 बच्चों को पूर्ण रूप से वैक्सीनेशन दिया गया है?

दोषी अधिकारियों के खिलाफ अब तक की ठोस कार्रवाई क्या हुई है?

भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचाव के लिए कौन से कदम उठाए गए हैं?

न्यायालय की टिप्पणी

कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि जब सरकार बच्चों के पोषण और शिक्षा पर करोड़ों खर्च कर रही है, तब इस तरह की घटनाएं बेहद गंभीर और अस्वीकार्य हैं। बच्चों के स्वास्थ्य और जीवन से किसी भी कीमत पर खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

Deepak Mittal
Author: Deepak Mittal

Leave a Comment

August 2025
S M T W T F S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31  

Leave a Comment