मामला: शराब घोटाले में थोक में अफसरों की गिरफ्तारी की तैयारी
क्या है मामला?
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में अब 28 आबकारी अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
-
ये सभी अफसर घोटाले में शामिल पाए गए हैं।
-
20 अगस्त 2025 को इन्हें रायपुर की अदालत में पेश होना था,
लेकिन कोई भी अफसर अदालत नहीं पहुंचा।
अदालत का रुख सख्त
-
अदालत ने सभी आरोपियों के खिलाफ जमानती वारंट जारी कर दिया है।
-
अब अगर अगली तारीख (23 सितंबर) को भी आरोपी पेश नहीं होते,
तो गिरफ्तारी का रास्ता साफ हो सकता है।
EOW की कार्रवाई
-
आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने इन अधिकारियों को
आरोपी बनाकर चार्जशीट दाखिल की है। -
विशेष अदालत और हाई कोर्ट ने इनकी अग्रिम जमानत याचिकाएं खारिज कर दी थीं।
-
पेशी से बचने के लिए सभी अफसर गायब रहे।
EOW चार्जशीट में शामिल अधिकारी
इन अधिकारियों के नाम EOW की चार्जशीट में दर्ज हैं:
-
गरीबपाल दर्दी
-
नोहर सिंह ठाकुर
-
सोनल नेताम
-
अलेख राम सिदार
-
प्रकाश पाल
-
ए.के. सिंग
-
आशीष कोसम
-
जे.आर. मंडावी
-
राजेश जयसवाल
-
जी.एस. नूरुटी
-
जे.आर. पैकरा
-
देवलाल वैद्य
-
ए.के. अनंत
-
वेदराम लहरे
-
एल.एल. ध्रुव
-
जनार्दन कोरव
-
अनिमेष नेताम
-
विजय सेन
-
अरविंद कुमार पाटले
-
प्रमोद कुमार नेताम
-
रामकृष्णा मिश्रा
-
विकास कुमय गोस्वामी
-
इकबाल खान
-
नितिन खंडुजा
-
नवीन प्रताप
-
सौरभ बख्शी
-
दिनकर वासनिक
-
मोहित कुमार जयसवाल
-
नीलू नोतानी
-
मंजू कसेर
क्या हो सकता है आगे?
-
23 सितंबर को अगली सुनवाई है।
-
अगर आरोपी फिर पेश नहीं हुए तो गिरफ्तारी तय मानी जा रही है।
-
ये घोटाला छत्तीसगढ़ की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था को हिला देने वाला मामला बन चुका है।
अब तक राजनीतिक छांव में सुरक्षित समझे जाने वाले अधिकारियों पर शिकंजा कसता दिख रहा है।
EOW की सक्रियता और अदालत की सख्ती से लगता है कि इस बार शराब घोटाले की परतें खुलेंगी और कई बड़े चेहरे बेनकाब हो सकते हैं।
Author: Deepak Mittal










Total Users : 8156589
Total views : 8177663