एनसीबी ने बड़े मादक पदार्थ तस्कर को 15 साल के कठोर कारावास की सजा

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रायपुर : मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) रायपुर जोनल यूनिट ने दो आरोपियों को दोषसिद्ध कराते हुए एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है।

छत्तीसगढ़ के जांजगीर स्थित प्रथम जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत ने दोनों आरोपियों को एनडीपीएस अधिनियम के तहत दोषी ठहराया। मामला एनसीबी की इंदौर क्षेत्रीय इकाई द्वारा 9 से 13 सितंबर 2023 के बीच चलाए गए संयुक्त अभियान से जुड़ा है, जिसमें छत्तीसगढ़, राजस्थान, महाराष्ट्र, हरियाणा और दिल्ली के विभिन्न स्थानों से 132.567 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया था। जांच में पाया गया कि तस्करों ने फर्जी नाम और पते का इस्तेमाल कर पार्सलों के जरिए मादक पदार्थ भेजे थे।

मुख्य आरोपी आनंद कुमार कश्यप (निवासी जांजगीर-चांपा, छत्तीसगढ़) को मादक पदार्थ तस्करी के आरोप में 15 साल के कठोर कारावास और ₹1.5 लाख के जुर्माने की सजा सुनाई गई। उन्हें पैन और आधार कार्ड की जालसाजी के लिए आईपीसी और आईटी एक्ट की धाराओं के तहत भी दोषी ठहराया गया। उनके बैंक खाते में जमा ₹2.01 लाख की राशि को एसएएफईएमए, मुंबई द्वारा फ्रीज कर दिया गया है।

सह-आरोपी नरेंद्र कुमार प्रजापति (निवासी सवाई माधोपुर, राजस्थान) को 5 साल की सजा और ₹50,000 के जुर्माने की सजा दी गई है।

एनसीबी ने कहा कि यह दोषसिद्धि नशामुक्त भारत के लक्ष्य को साकार करने के लिए एजेंसी की प्रतिबद्धता का उदाहरण है। ब्यूरो ने नागरिकों से अपील की है कि मादक पदार्थों की बिक्री की जानकारी राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन 1933 पर साझा करें। सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

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Author: Deepak Mittal

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