माँ एवं महिलाओं का स्थान समाज में है सबसे अग्रणी एवं सम्मानीय: कलेक्टर चन्द्रवाल

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Deepak Mittal

दीपक मित्तल/ भूषण निर्मलकर

राष्ट्रीय बालिका दिवस समारोह में शामिल हुए
पद्मश्री शमशाद बेगम, कलेक्टर, सीईओ जिला पंचायत एवं अन्य अतिथि

सामुदायिक सहभागिता एवं अधिकारी-कर्मचारियों के सहयोग से गंभीर कुपोषित बच्चों को सुपोषित करने हेतु किया जाएगा कारगार प्रयास
बालोद 24 जनवरी 2024
कलेक्टर  इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने कहा कि माँ एवं महिलाओं का स्थान हमारे समाज मंें सबसे ऊँचा एवं सबसे सम्मानीय है। इसलिए हमारे देश एवं राज्य के नाम के संबोधन में माता एवं महतारी शब्द जुड़ता है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा माता एवं महिलाएं धैर्य, सहनशीलता, वात्सल्य एवं शक्ति के मामले में भी पुरुषों से अग्रणी होती है। इसलिए माताओं का शक्तिस्वरूपा भी कहा जाता है। चन्द्रवाल आज 24 जनवरी को बैडमिंटन हाॅल गुण्डरदेही में आयोजित राष्ट्रीय बालिका दिवस समारोह के अवसर पर अपना उदगार व्यक्त कर रहे थे। समारोह में शमशाद बेगम, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. रेणुका श्रीवास्तव, एसडीएम मनोज मरकाम, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग श्री विपिन जैन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। इस अवसर पर श्री चन्द्रवाल ने कहा कि हमारी माताओं, बहनों एवं बेटियों को समाज में उचित सम्मान दिलाने तथा उनके सुरक्षा एवं संरक्षण करने की जिम्मेदारी हम सभी की है। श्री चन्द्रवाल ने कुपोषण को देश एवं समाज के लिए एक बड़ी समस्या बताते हुए इसे दूर करने हेतु समवेत प्रयास करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि बालोद जिले में सामुदायिक सहभागिता एवं अधिकारी-कर्मचारियों के सहयोग से गंभीर कुपोषित बच्चों को सुपोषित करने हेतु कारगार प्रयास किया जाएगा। श्री चन्द्रवाल ने कहा कि कुपोषित बच्चों को सामान्य श्रेणी में लाने के लिए गोद लेने वाले महिला कमाण्डों को प्रोत्साहन राशि भी प्रदान किया जाएगा। इसके अंतर्गत गोद लेने वाले बच्चों को 05 माह की अवधि में सामान्य श्रेणी में लाने वाले महिला कमाण्डों को 05 हजार रुपये एवं इसी तरह अलग-अलग अवधि में कुपोषित बच्चों को सुपोषित करने वाली महिला कमाण्डों को भी प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। चन्द्रवाल ने बच्चों को कुपोषण मुक्ति के कार्य को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ पूरा करने को कहा। इस अवसर पर  चन्द्रवाल ने कार्यक्रम में उपस्थित बालिकाओं से चर्चा कर महिला सशक्तिकरण के संबंध मंे आवश्यक जानकारी भी ली। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पùश्री श्रीमती शमशाद बेगम ने कहा कि बेटियाँ हमारे समाज की गौरव एवं धरोहर है। जो विभिन्न रूपों में अपने पारिवारिक जिम्मेदारियों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करते हुए राष्ट्र व समाज के विकास में अपनी महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. रेणुका श्रीवास्तव ने समाज में बेटियांे की भूमिका, योगदान एवं उनके विशिष्टता के संबंध में विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम मंे अतिथियों के द्वारा कुपोषित बच्चों को सामान्य श्रेणी में लाने के लिए गोद लेने वाले महिलाओं को सुपोषण टोकरी भी प्रदान किया गया। इसके अलावा कार्यक्रम में आयोजित रं गोली, कुर्सी दौड़ आदि प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय स्थान अर्जित करने वाले बालिकाओं के अलावा विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले महिलाओं का भी सम्मान किया गया। इस अवसर पर श्रीमती शमशाद बेगम, कलेक्टर  चन्द्रवाल एवं अन्य अतिथियों के द्वारा ’बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान में अपनी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने हेतु कार्यक्रम स्थल में फ्लैक्स में हस्ताक्षर भी किया गया।

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Author: Deepak Mittal

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