रायपुर।
छत्तीसगढ़ में आज दिन भर अफरा-तफरी और सियासी हंगामे का माहौल रहा। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की ईडी द्वारा गिरफ्तारी के विरोध में कांग्रेस ने आज 22 जुलाई को प्रदेशव्यापी आर्थिक नाकेबंदी का ऐलान किया था।
दोपहर 12 बजे के बाद राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के सभी बड़े शहरों के चौक-चौराहों पर कांग्रेस कार्यकर्ता एकत्र होने लगे। राजधानी में सबसे बड़ा प्रदर्शन वीआईपी रोड पर हुआ, जहां कार्यकर्ता ट्रैक्टरों के साथ सड़कों पर उतर आए और रिंगरोड को पूरी तरह जाम कर दिया। इसका नतीजा ये हुआ कि वीआईपी रोड पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं और पूरा शहर जैसे थम-सा गया।
लेकिन जैसे ही घड़ी ने 2 बजाए, सीन पूरी तरह बदल गया।
सभी चौक-चौराहों पर जमा कांग्रेस कार्यकर्ता अचानक सड़कों से हटने लगे। कुछ ही देर में जाम में फंसी गाड़ियां निकलने लगीं और राजधानी की सड़कों पर फिर से रफ्तार लौट आई।
प्रदर्शन के पीछे कांग्रेस का आरोप है कि चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी राजनीति से प्रेरित है और ईडी का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं को दबाने के लिए किया जा रहा है। वहीं, भाजपा नेताओं ने इस नाकेबंदी को आम जनता को परेशान करने वाला कदम बताया है।
अब देखना यह होगा कि यह विरोध केवल एक दिन तक सीमित रहेगा या कांग्रेस आगे भी मोर्चा खोलने की तैयारी में है।

Author: Deepak Mittal
