जे के मिश्र
जिला ब्यूरो चीफ
नवभारत टाइम्स 24 7in बिलासपुर
बिलासपुर में नेशनल हाईवे पर लग्जरी कारों की कतार लगाकर रील बनाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने इस प्रकरण में गंभीरता दिखाते हुए स्वतः संज्ञान लिया है। मुख्य न्यायाधीश की डिवीजन बेंच ने राज्य शासन से 10 दिनों के भीतर जवाब तलब किया है और पूछा है कि अब तक इन युवकों के वाहन जब्त क्यों नहीं किए गए।
यह मामला हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें दर्जनों महंगी गाड़ियाँ राष्ट्रीय राजमार्ग पर खड़ी कर दी गईं थीं और तेज़ म्यूज़िक के साथ युवकों का समूह रील बनाता दिखा। इससे न सिर्फ आम लोगों की आवाजाही बाधित हुई, बल्कि यह कानून व्यवस्था की खुली अवहेलना भी मानी गई।
चीफ जस्टिस ने सख्त लहजे में राज्य सरकार से पूछा है कि सार्वजनिक मार्ग को इस तरह बाधित करने वालों पर अब तक क्या कार्रवाई की गई है और क्यों संबंधित थानों ने अब तक वाहन जब्त नहीं किए। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि इस तरह की घटनाएं न सिर्फ यातायात को बाधित करती हैं, बल्कि सड़क सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा बनती हैं।
हाईकोर्ट ने राज्य शासन, पुलिस महानिदेशक, परिवहन विभाग और संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी करते हुए पूछा है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं। अदालत ने यह भी निर्देश दिया है कि ऐसे मामलों में जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
यह मामला अब पूरे राज्य में चर्चा का विषय बन गया है, खासकर जब युवा वर्ग सोशल मीडिया पर वायरल होने की होड़ में सार्वजनिक सुरक्षा से खिलवाड़ कर रहा है। हाईकोर्ट की यह पहल आने वाले दिनों में ऐसे रईसजादों पर नकेल कसने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकती है।

Author: Deepak Mittal
