योग: तन और मन दोनों की संपूर्ण आरोग्यता का साधन

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योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानसिक और भावनात्मक संतुलन का भी सशक्त माध्यम है। प्रतिदिन योग करने से न सिर्फ शरीर मजबूत होता है, बल्कि मन भी शांत और एकाग्रचित्त बना रहता है। 30 की उम्र के बाद शरीर में हड्डियों की मजबूती बनाए रखने और सम्पूर्ण स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करना अत्यंत आवश्यक है। यहां ऐसे पाँच प्रभावशाली योगासन बताए जा रहे हैं, जो प्रतिदिन करने पर अनेक लाभ प्रदान करते हैं

1. ताड़ासन

योग अभ्यास की शुरुआत ताड़ासन से की जा सकती है। यह आसन शरीर के पोश्चर को सुधारने और बैलेंस को बेहतर बनाने में मदद करता है। साथ ही इससे शरीर की फ्लेक्सिबिलिटी भी बढ़ती है। इस आसन को करते समय पूरे शरीर को ऊपर की ओर खींचा जाता है, जिससे रीढ़ की हड्डी सीधी होती है और पूरे शरीर में ऊर्जा का संचार होता है।

2. पश्चिमोत्तानासन

यह आसन न केवल शरीर की लचक बढ़ाता है, बल्कि मानसिक शांति भी प्रदान करता है। इसके अभ्यास से हैमस्ट्रिंग, पिंडलियों और रीढ़ की हड्डी को मजबूती मिलती है। नियमित अभ्यास से शरीर में रक्त संचार बेहतर होता है और तनाव में कमी आती है।

3. सेतु बंध सर्वांगासन

यह आसन पीठ, पेट और थाइज़ के लिए अत्यंत लाभकारी है। इसे करते समय शरीर को सेतु (पुल) की तरह ऊपर उठाया जाता है, जिससे मेरुदंड को मजबूती मिलती है और थकान दूर होती है। यह पाचन क्रिया सुधारने और हार्मोन संतुलन में भी मदद करता है।

4. मलासन

विशेष रूप से महिलाओं के लिए लाभकारी यह आसन पेल्विक क्षेत्र की मांसपेशियों को मजबूत करता है। इससे लोअर बॉडी की स्ट्रेंथ बढ़ती है और शारीरिक संतुलन सुधरता है। यह आसन महिलाओं के प्रजनन स्वास्थ्य के लिए भी उपयोगी माना जाता है।

5. बालासन

बालासन शरीर को गहराई से आराम देने वाला आसन है। यह तनाव और मानसिक थकान को कम करता है। इसे करना सरल है और यह रीढ़ की लचीलापन बनाए रखने में भी मदद करता है। बालासन से शरीर और मस्तिष्क को शांति मिलती है।

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Author: Deepak Mittal

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