
ड्यूक की गुणवत्ता भी मदद नहीं कर रही है और 30 ओवर के बाद ‘सॉफ्ट’ गेंदें टीमों को आक्रामक होने के लिए मजबूर कर रही हैं। उन्होंने कहा, ‘गेंदबाजों के लिए यह बहुत मुश्किल है। मुझे लगता है कि विकेट से अधिक, गेंद शायद बहुत जल्दी खराब हो जाती है। यह बहुत जल्दी नरम हो जाती है। मुझे नहीं पता कि यह क्या है, यह विकेट हो या कुछ और। पर गेंदबाजों के लिए यह मुश्किल है। ऐसी परिस्थितियों में विकेट लेना बहुत मुश्किल है, जहां उनके लिए कुछ भी नहीं है।’

गिल ने कहा, ‘और एक टीम के रूप में जब आप जानते हैं कि ऐसी परिस्थितियों में विकेट लेना मुश्किल है तो बहुत सी चीजें आपके नियंत्रण से बाहर होती हैं। गेंदबाजों के लिए थोड़ी मदद होनी चाहिए। अगर गेंद कुछ मूवमेंट कर रही है तो आप किसी तरह से कुछ योजना बना सकते हैं और तभी खेलना मजेदार होता है।’

भारतीय कप्तान ने कहा, ‘अगर आपको पता है कि केवल पहले 20 ओवर में ही कुछ ही होगा तो उसके बाद आप पूरे दिन रक्षात्मक रहते हैं। आप पूरे दिन यह सोचते रहते हैं कि रन कैसे रोकें। तब खेल का सार इसमें नहीं दिखता।’ कप्तान के तौर पर अपना पहला टेस्ट जीतने के बाद गिल ने इंग्लैंड की पिचों की प्रकृति पर टिप्पणी करते हुए मजाकिया पक्ष भी देखा।

उन्होंने हंसते हुए कहा, ‘हां, जैसे हम भारत में खेलते हैं, उनमें से अधिकांश बल्लेबाजी के अनुकूल हैं। यहां आकर और कुछ समय के लिए अच्छी पिचें पाकर अच्छा लगता है।’ हालांकि, उन्हें उम्मीद नहीं है कि 10 जुलाई से लॉर्ड्स में शुरू होने वाले तीसरे टेस्ट में पिच लीड्स या एजबेस्टन की तरह सपाट होगी। उन्होंने कहा, ‘हम देखेंगे कि वे लॉर्ड्स को किस तरह का विकेट दे रहे हैं। मुझे नहीं लगता कि वे इतना सपाट विकेट देंगे। हम वहां जाएंगे और देखेंगे कि यह किस तरह का विकेट है और तय करेंगे कि सबसे अच्छा संभव संयोजन क्या है।’ गिल ने पुष्टि की कि जसप्रीत बुमराह कार्यभार प्रबंधन के अंतर्गत एजबेस्टन में आराम दिए जाने के बाद लॉर्ड्स में खेलेंगे।
Author: Deepak Mittal










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