रायपुर।
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर की 10 वर्षीय अंविका अग्रवाल ने ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिसे सुनकर हर कोई गर्व महसूस करेगा। अनुपम नगर निवासी नीरज अग्रवाल की बेटी और पांचवीं की छात्रा अंविका, एवरेस्ट बेस कैंप तक ट्रेक करने वाली सबसे कम उम्र की छात्रा बन गई हैं।
अंविका ने नेपाल के काठमांडू से 30 मई को ट्रेकिंग शुरू की और 17,600 फीट की ऊंचाई पर स्थित एवरेस्ट बेस कैंप को 7 जून को सफलतापूर्वक फतह किया।
कठिन चुनौतियों से नहीं घबराई अंविका
एवरेस्ट बेस कैंप ट्रेक दुनिया के सबसे कठिन ट्रेक्स में गिना जाता है। ऑक्सीजन की कमी और बेहद ठंड के बीच यह ट्रेक कई अनुभवी पर्वतारोहियों को भी चुनौती देता है। लेकिन अंविका ने इन कठिनाइयों का बहादुरी से सामना करते हुए सफलता प्राप्त की।
हर दिन चढ़ती थीं 2,000 सीढ़ियां
पिता नीरज अग्रवाल ने बताया कि बेटी ने इस ट्रेक के लिए दो महीने की सख्त तैयारी की।
“हर दिन वह घर में 2,000 सीढ़ियां चढ़ती थी, लंबे समय तक पैदल चलती थी। उसकी मेहनत और आत्मविश्वास ने ही उसे इस ऊंचाई तक पहुंचाया।”
12 सदस्यीय टीम में अकेली बच्ची
एवरेस्ट ट्रेकिंग टीम में कुल 12 लोग शामिल थे, जिनमें से 8 अन्य राज्यों से थे। **अंविका सबसे कम उम्र की और सबसे साहसी सदस्य

Author: Deepak Mittal
