इधर, आज सुबह आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीतारामराजू जिले के रामपचोदवरम थाना क्षेत्र में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें तीन बड़े नक्सली कमांडर मारे गए।
ढेर किए गए नक्सली:
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गजराला रवि उर्फ उदय (CCM) — 40 लाख का इनामी
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रवि चैतन्य उर्फ अरुणा (SZCM) — 20 लाख की इनामी, माओवादी लीडर चलपति की पत्नी
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अंजू (ACM) — माड़ डिविजन की सक्रिय सदस्य
सुरक्षाबलों ने तीन AK-47 राइफलें भी बरामद की हैं। आंध्र के एसपी अमित बरदार ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए बताया कि फायरिंग अब भी रुक-रुक कर जारी है और मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है।
नक्सल अभियान को बड़ा मोरल बूस्ट
छत्तीसगढ़ और आंध्र पुलिस की इन सफलताओं ने नक्सल नेटवर्क को गहरी चोट पहुंचाई है। एक ओर जहां वैचारिक रूप से प्रशिक्षित नेतृत्व आत्मसमर्पण कर रहा है, वहीं दूसरी ओर शीर्ष कमांडरों के मारे जाने से संगठन की ताकत कमजोर हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में अधिक आत्मसमर्पण और सटीक कार्रवाई की उम्मीद की जा सकती है।
निष्कर्ष:
सरकार और सुरक्षाबलों के लिए यह दिन नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक संघर्ष में एक बड़ी उपलब्धि साबित हुआ है। आत्मसमर्पण और मुठभेड़—दोनों घटनाएं यह संकेत देती हैं कि नक्सल विचारधारा और नेटवर्क अब दबाव में हैं, और जल्द ही उनके खात्मे की दिशा में और तेज़ प्रगति हो सकती है।
Author: Deepak Mittal










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