मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी/रामपचोदवरम, 18 जून 2025
छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियान को बुधवार को दोहरी बड़ी सफलता मिली है। एक ओर जिले में 20 वर्षों से सक्रिय नक्सली दंपत्ति ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया, वहीं छत्तीसगढ़-आंध्र प्रदेश सीमा पर हुई भीषण मुठभेड़ में तीन टॉप नक्सली कमांडर ढेर हो गए।
पूर्व शिक्षक और नक्सली नेता जीवन ने पत्नी के साथ किया सरेंडर
जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में नक्सल विरोधी अभियान के तहत बुधवार को डिविजनल कमेटी सदस्य (DVC) जीवन और उसकी पत्नी एरिया कमेटी सदस्य (ACM) अगाशा ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया।
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जीवन पूर्व में परवीडीह गांव के सरकारी स्कूल में शिक्षाकर्मी था, जिसने वर्ष 2000 के आसपास नौकरी छोड़कर माओवादी संगठन जॉइन कर लिया था।
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नक्सली संगठन में वह मोबाइल पॉलिटिकल स्कूल (MOPOS) का हिस्सा बन गया, जहाँ वह कैडरों को वैचारिक प्रशिक्षण देता था।
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उसकी पत्नी अगाशा, मानपुर क्षेत्र की निवासी है और सीएनएम (Cultural and News Movement) की सक्रिय सदस्य रही है।
एसपी यशपाल सिंह ने बताया कि दंपत्ति का आत्मसमर्पण न केवल नक्सल संगठन की संरचना को कमजोर करेगा, बल्कि मुख्यधारा में लौटने के इच्छुक अन्य नक्सलियों को भी प्रेरणा देगा। सुरक्षा एजेंसियों ने इस आत्मसमर्पण को मनोवैज्ञानिक विजय बताया है।
Author: Deepak Mittal









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