जे के मिश्र
ब्यूरो चीफ,
नवभारत टाइम्स24*7in बिलासपुर
बिलासपुर: सरकारी नौकरी का सपना दिखाकर 26 बेरोजगार युवाओं से ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के बैंक खातों में जमा तीन लाख रुपये फ्रीज कर दिए हैं, वहीं 13 लाख रुपये नगद, फर्जी नियुक्ति पत्र और फर्जी सेवा पुस्तिकाएं भी जब्त की हैं। यह मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है।
ऐसे युवाओं को फंसाया जाता था
सूत्रों के अनुसार, गिरोह का सरगना कपिल गोस्वामी खुद को प्रभावशाली व्यक्ति दिखाने के लिए महंगी कार, ड्राइवर और बॉडीगार्ड के साथ घूमता था। वह सरकारी विभागों में ऊंचे संपर्कों का दावा करता था। कपिल और उसके साथियों ने पीडब्ल्यूडी, पुलिस, जेल, पीएचई, वन और शिक्षा विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा देकर युवाओं से करोड़ों रुपये वसूले।
इन पदों पर दिया झांसा
गिरोह ने क्लर्क, जेल प्रहरी, आरक्षक, ऑपरेटर और प्यून जैसे पदों के लिए युवाओं को फर्जी नियुक्ति पत्र दिए। इन फर्जी नियुक्ति पत्रों को महज 500 रुपये में प्रिंट कराया जाता था।
ठगी का तरीका
कपिल गोस्वामी ने अपने साथियों ईश्वर चौहान, गुरु दिव्यशंकर और राजेश पलांगे के साथ मिलकर बेरोजगार युवकों को नौकरी का लालच दिया। युवक अपने घर की बचत, जेवर गिरवी रखकर या उधार लेकर पैसे देते थे। इसके बाद उन्हें फर्जी दस्तावेज और नियुक्ति पत्र थमाकर डाक्यूमेंट वेरिफिकेशन का झांसा दिया जाता था।
मास्टरमाइंड और उसके साथी गिरफ्तार
सीएसपी निमितेश सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने रातभर चले अभियान के दौरान गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में कपिल गोस्वामी (अकलतरा), गुरु शंकर दिव्य (सक्ति), राजेंद्र पलांगे (सक्ति) और पुरुषोत्तम तिवारी (उसलापुर) शामिल हैं। मास्टरमाइंड कपिल गोस्वामी पहले भी ठगी के मामले में जेल जा चुका है।
पहले खुद ठगी का शिकार, फिर बना गिरोह का हिस्सा
गिरफ्तार आरोपी राजेंद्र पलांगे, जो सक्ती का निवासी है, ने बताया कि वह पहले खुद कपिल के झांसे में आकर पांच लाख रुपये देकर वन विभाग में नौकरी की उम्मीद कर रहा था। जब उसे नौकरी नहीं मिली और पैसे वापस मांगने पर कपिल ने इनकार कर दिया, तो उसने राजेंद्र को गिरोह में शामिल होने का प्रस्ताव दिया। लालच में आकर राजेंद्र ठगी करने लगा।
पुलिस की अपील
बिलासपुर पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने बिलासपुर, रायपुर, बलौदा बाजार, सक्ती और जांजगीर-चांपा जिलों के लगभग 25-30 युवाओं से धोखाधड़ी की बात कबूल की है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि नौकरी के नाम पर पैसे मांगने वाले किसी भी व्यक्ति से सावधान रहें और ऐसी घटनाओं की तुरंत पुलिस को सूचना दें।

Author: Deepak Mittal
