इस बार मैं डिप्‍टी सीएम, मुझे चाहिए गृह मंत्रालय, एकनाथ शिंदे की डिमांड ने बढ़ाई भाजपा की मुश्किल

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भाजपा, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और अजीत पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) वाले महायुति गठबंधन ने महाराष्‍ट्र विधानसभा चुनाव में शानदार जीत हासिल की। दो दिन पहले देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री और अजित पवार के साथ एकनाथ शिंदे ने उप-मुख्यमंत्री का पद संभाल लिया है।

शनिवार को महाराष्‍ट्र विधानसभा के विशेष सत्र में नवनिर्वाचित विधायकों ने विधायक पद की शपथ भी ले ली है।

वहीं महाराष्‍ट्र सरकार के गठन के बाद मंत्रालय के बंटवारे और महत्वपूर्ण मंत्री पदों को लेकर जंग तेज हो चुकी है। सरकार के गठन के पहले से एकनाथ शिंदे गृह मंत्रालय की मांग कर रहे हैं वहीं उपमुख्‍यमंत्री बनने के बाद उन्‍होंने एक बार फिर भाजपा के सामने गृह मंत्रालय की डिमांड रख दी है। जिसने भाजपा की मुश्किल बढ़ा दी है।

शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने इस बात का खुलासा किया कि एकनाथ शिंदे ने गृह मंत्रालय की मांग भाजपा के सामने रखी है और महायुति के तीनों सहयोगी विभाग आवंटन के संबंध में बातचीत कर रहे हैं।

शिवसेना विधायक भरत गोगावले ने विभागों के बंटवारे को लेकर महायुति के तीनों सहयोगियों के बीच चल रही बातचीत का खुलासा करते हुए बताया कि एकनाथ शिंदे ने अहम गृह विभाग हासिल करने में गहरी दिलचस्पी दिखाई है। उन्‍होंने ये भी दावा किया कि शिंदे की ये मांग संभवतः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के समक्ष रखी गई है।

डिप्‍टी सीएम शिंदे हैं तो उन्‍हें दिया जाए गृह मंत्रालय

रायगढ़ से शिवसेना विधायक गोगावले ने कहा “जब देवेंद्र फडनवीस एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली पिछली सरकार में डिप्टी सीएम थे, तो उनके पास गृह विभाग था। अब एकनाथ शिंदे ने उसी व्यवस्था की मांग की है और बातचीत पोर्टफोलियो आवंटन पर प्रगति पर है। उन्‍होंने कहा कि विभागों के बंटवारे पर चर्चा अगले कुछ दिनों में पूरी होने की उम्मीद है।

एकनाथ शिंदे की बदौलत ही बनी थी पिछली महायुति सरकार

बता दें पिछली सरकार में एकनाथ शिंदे मुख्‍यमंत्री भले ही थे लेकिन उनके पास गृह मंत्रालय नहीं था, पिछली सरकार में गह मंत्रालय तत्‍कालीन डिप्‍टी सीएम देंवेद्र फडणवीस के पास था। वहीं अब इस चुनाव में जीत मिलने के बाद नई महायुति सरकार में पहले शिंदे सीएम की कुर्सी की‍ डिमांड कर रहे थे लेकिन वो पूरी नहीं हुई तो डिप्‍टी सीएम की कुर्सी संभालकर गृह मंत्रालय की मांग पर अड़े हुए हैं। हालांकि भाजपा किसी भी हाल में गृह मंत्रालय जैसा शक्तिशाली मंत्रालय देना नहीं चाहती है।

बता दें जून 2022 में, ठाणे के एक प्रमुख मराठा नेता एकनाथ शिंदे ने तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के खिलाफ विद्रोह शुरू किया, जिससे शिवसेना दो टुकड़ों में बंट गई और अंततः ठाकरे के नेतृत्व वाली महा विकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार गिर गई। ठाकरे की पूर्व सहयोगी भाजपा द्वारा समर्थित शिंदे के कदम ने उन्हें मुख्यमंत्री के पद पर पहुंचा दिया। इसके बाद, पूर्व सीएम फडणवीस को उनका डिप्टी नियुक्त किया गया, जिसके बाद जुलाई 2023 में अजि पवार भी शरद पवार से बगावत कर महायुति गठबंधन में शामिल हो गए थे और उपमुख्‍यमंत्री की कुर्सी संभाली थी।

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Author: Deepak Mittal

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