

तेल एवं घृत के देवी मनोकामना ज्योति कलश प्रज्वलित

भक्तिमय हुआ अंचल, उमड़ा आस्था का जनसैलाब

निर्मल अग्रवाल ब्यूरो प्रमुख मुंगेली : सरगांव- नवरात्रि के 9 दिनों में मां के 9 रूपों की पूजा- अर्चना की जाती है। मां को प्रसन्न करने के लिए भक्त व्रत भी रखते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नवरात्रि के दौरान विधि- विधान से मां दुर्गा की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं।

आश्विन मास में शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शारदीय नवरात्रि शुरू हो जाती हैं। हिंदू धर्म में नवरात्रि का बहुत अधिक महत्व होता है। हिंदू पंचांग के अनुसार शारदीय नवरात्रि का पर्व 3 अक्टूबर 2024 से प्रारंभ हो चुका है।

शारदीय नवरात्रि का पर्व 12 अक्टूबर 2024 को समाप्त होगा। नगर के बस स्टैंड, संतोषी वार्ड, बजरंग चौक, दरबारी चौक, हक़ीमनगर, विवेकानंद वार्ड, रामसप्ताह चौक , राधा कृष्ण मंदिर,बरमदेव चौक, लक्ष्मी चौक सहित अंचल में शक्ति स्वरूपा जगजननी माँ दुर्गा विराजमान हो चुकी है।

नगर के प्राचीन माँ धुमेश्वरी देवी मंदिर, माँ महामाया मंदिर में भक्तों द्वारा तेल और घृत के मनोकामना ज्योति कलश प्रज्वलित कराये गए हैं।

आसपास ग्रामीण अंचल से प्रतिदिन भारी संख्या में दर्शन हेतु आने वाले श्रद्धालुओं और जय माता दी के उद्घोष, प्रातः कालीन आरती, रात्रि महाआरती, शंख की ध्वनि , देवी जसगीतों, माता का प्रसाद, और माता के प्रति भक्तों की अथाह आस्था ने नगर को पूर्णरूप से भक्तिभाव मे सरोबार कर दिया है ।

माता दर्शन को आस्था के जनसैलाब उमड़ पड़े है। भक्त अपनी माता की सेवा भक्ति में पूर्णरूपेण तल्लीन हो चुके हैं और माता दर्शन को लालायित छोटे छोटे बच्चे भी मां का आह्वान करते हुए गा रहे है..”आ मां आ तुझे दिल ने पुकारा….”।

Author: Deepak Mittal










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