अचानकमार टाइगर रिजर्व में ढाई साल में किसी ने नहीं किया योगदान खाते में 10 हजार भी नही हुए जमा

Picture of Deepak Mittal

Deepak Mittal

 

(जे के मिश्र ) बिलासपुर/ अचानकमार टाइगर रिजर्व (एटीआर) के संरक्षण और संवर्धन के लिए खोला गया बैंक खाता, ढाई साल बाद भी खाली पड़ा है। वन विभाग द्वारा बाघों की सुरक्षा और जैव विविधता को बढ़ावा देने के लिए एचडीएफसी बैंक में “अचानकमार टाइगर कंजर्वेशन फाउंडेशन” के नाम से जनवरी 2022 में खाता खोला गया था, लेकिन तब से अब तक खाते में 10 हजार रुपये भी जमा नहीं हो सके हैं।

वन विभाग ने नागरिकों को बाघ संरक्षण में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया था, साथ ही इस खाते में दान करने पर आयकर अधिनियम 1961 की धारा 80जी के तहत छूट का भी प्रावधान रखा गया था। इसके बावजूद लोगों ने इस दिशा में रुचि नहीं दिखाई, जिससे विभाग की योजना अब तक सफल नहीं हो पाई है।

 

संरक्षण के लिए अपील

वन विभाग ने इस खाते के जरिए बाघों के निवास स्थान को विकसित करने, वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने, अनुसंधान को बढ़ावा देने और एटीआर में स्थानीय समुदाय को रोजगार मुहैया कराने का उद्देश्य रखा था। इसके अलावा ईको-टूरिज्म और वन्य जीवों के प्रति सहानुभूति बढ़ाने के लिए भी इस फंड का इस्तेमाल किया जाना था। लोगों से अपील की गई थी कि वे अपनी इच्छा के अनुसार 1 रुपये से लेकर जितनी भी राशि हो सके, इस खाते में जमा करें।

 

बाघों की संख्या बढ़ाने की तैयारी

इस समय अचानकमार टाइगर रिजर्व में 10 बाघ हैं, और वन विभाग की योजना के तहत मध्य प्रदेश के कान्हा और महाराष्ट्र के चंद्रपुर स्थित ताड़ोबा से तीन और बाघ लाए जा रहे हैं, जिससे यहां बाघों की संख्या में वृद्धि हो सकेगी। विभाग ने लोगों से आग्रह किया है कि वे इस प्रक्रिया में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें और बाघों के संरक्षण में अपना योगदान दें।

 

फंड जुटाने के लिए प्रयास

बाघों के संरक्षण के लिए विभाग ने पोस्टर और बैनर लगाकर प्रचार-प्रसार भी किया था, जिसमें खाता नंबर 50200025484509 और आईएफएससी कोड HDFC0003659 साझा किया गया था। साथ ही इस खाते में राशि जमा करने पर आयकर छूट का भी आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक लोगों की तरफ से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली है।

 

फील्ड डायरेक्टर का बयान

अचानकमार टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर, मनोज कुमार पांडेय ने बताया कि एटीआर के नाम से बिलासपुर स्थित एचडीएफसी बैंक में यह खाता खोला गया है। कोई भी व्यक्ति अपनी स्वेच्छा से इसमें योगदान कर सकता है।

Deepak Mittal
Author: Deepak Mittal

Leave a Comment

Leave a Comment