पूर्व विधायक शैलेश पाण्डेय की मांग: वरिष्ठ नागरिकों के लिए कल्याण परिषद का गठन आवश्यक

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जे के मिश्र, जिला ब्यूरो चीफ, नवभारत टाइम्स

बिलासपुर: छत्तीसगढ़ के पूर्व विधायक शैलेश पाण्डेय ने प्रदेश में वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए सरकार से विशेष कदम उठाने की मांग की है। उनका कहना है कि प्रदेश में करीब 25 लाख वरिष्ठ नागरिक हैं, जो राज्य की कुल आबादी का लगभग 10 प्रतिशत हिस्सा हैं। इनमें से 80 प्रतिशत लोग ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करते हैं, जबकि दस लाख से अधिक वरिष्ठ महिलाएं हैं जिन्हें विशेष देखभाल की आवश्यकता है।

शैलेश पाण्डेय का सुझाव है कि इन बुजुर्गों की जरूरतों और समस्याओं को ध्यान में रखते हुए सरकार को एक विशेष आयोग या कल्याण परिषद का गठन करना चाहिए। यह परिषद वरिष्ठ नागरिकों की पेंशन, स्वास्थ्य सेवाओं और उनके खिलाफ होने वाले अत्याचारों से निपटने के लिए काम करेगी। इससे वरिष्ठ नागरिकों को अपनी ज़िंदगी के इस पड़ाव को सम्मान और आराम से जीने का अवसर मिलेगा।

उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति में बुजुर्गों की सेवा और देखभाल को हमेशा से महत्वपूर्ण माना गया है, लेकिन आजकल बुजुर्ग अपने बुढ़ापे को लेकर चिंतित रहते हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। ऐसे में, सरकार को उनके जीवन को बेहतर बनाने के लिए प्रयास करना चाहिए।

शैलेश पाण्डेय ने सुझाव दिया है कि सरकार बुजुर्गों के लिए क्लब, पार्क और मनोरंजन केंद्र बनाए, ताकि वे शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रह सकें। इसके साथ ही, प्रत्येक वरिष्ठ नागरिक को अस्पतालों में मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं दी जानी चाहिए और उनकी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा होना चाहिए।

पूर्व विधायक ने यह भी कहा कि बुजुर्गों के अनुभव का लाभ उठाने के लिए समय-समय पर सेमिनार और गोष्ठियों का आयोजन किया जाना चाहिए। इसके साथ ही, मोहल्लों में बुजुर्गों को संरक्षक के रूप में नियुक्त किया जाए ताकि वे नई पीढ़ी के साथ अपने अनुभव साझा कर सकें और उनकी देखरेख भी कर सकें।

इसके अलावा, हर जिले में सरकारी स्तर पर “अनुभव भवन” बनाए जाने की आवश्यकता पर भी उन्होंने जोर दिया, जहां बुजुर्गों के खेलने, मनोरंजन और चर्चा के लिए पर्याप्त सुविधाएं हों। नियमित रूप से निःशुल्क स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन भी किया जाना चाहिए।

शैलेश पाण्डेय का मानना है कि वरिष्ठ नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाने और उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर प्रदान करने के लिए सरकार को एक कल्याण परिषद का गठन करना चाहिए।

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Author: Deepak Mittal

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