बिलासपुर : सिरगिट्टी के बन्नाक चौक स्थित मुक्तिधाम में जलती चिता के पास एक कपल की तस्वीर रखकर तांत्रिक क्रियाओं का यह मामला न केवल अवैज्ञानिक और खतरनाक है, बल्कि समाज में भय और आक्रोश का कारण भी बनता है।
तंत्र-मंत्र के नाम पर किए जाने वाले ऐसे कृत्य न केवल गैरकानूनी हैं, बल्कि यह भी दर्शाते हैं कि आज भी समाज में अंधविश्वास किस हद तक व्याप्त है।
मिली जानकारी के अनुसार मामला बिलासपुर सिरगिट्टी मुक्तिधाम का है, जहां एक शख्स की मृत्यु के बाद अंतिम संस्कार किया गया था।

शव का अंतिम संस्कार करके परिजन घर लौट गए, लेकिन देर रात वहां एक महिला सहित तीन लोग पहुंचे। बताया जा रहा है कि ये तीनों जलती चिता के पास बैठकर तांत्रिक क्रिया कर रहे थे।
स्थानीय लोगों ने तीनों को मौके पर रंगे हाथों पकड़ा और पुलिस के हवाले कर दिया है।महिला तांत्रिक क्रिया करने के लिए महिला जैतल उज्जैन से बिलासपुर पहुंची है। वहीं, दो अन्य लोग स्थानीय निवासी हैं।
फिलहाल पुलिस तीनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है हो सकता है आगे कुछ और बातों का खुलासा हो
हालांकि यह घटना इस बात की ओर भी इशारा करती है कि समाज में शिक्षा और जागरूकता की कमी के चलते कई लोग अभी भी ऐसे खतरनाक उपायों का सहारा लेते हैं, जो उनकी समस्याओं का समाधान नहीं कर सकते।
इस घटना के बाद यह जरूरी हो जाता है कि अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र जैसी प्रथाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और लोगों में इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूकता फैलाई जाए। साथ ही, तंत्र-मंत्र जैसी प्रथाओं पर विश्वास करने वाले लोगों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए।
Author: Deepak Mittal









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