रायगढ़. छत्तीसगढ़ प्रदेश का रायगढ़ जिला राजनीति ही नहीं बल्कि औद्योगिक क्रांति में भी अपनी अलग पहचान रखता है. सामाजिक और आर्थिक विकास की दृष्टि से जिले में मौजूद विभिन्न इस्पात और ताप विद्युत गृहों ने अपने विकासखंडों की विकास यात्रा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है. जिसमें पुसौर विकासखंड भी अछूता नहीं है. पुसौर प्रखण्ड में अदाणी पावर लिमिटेड की स्थापना से लेकर अब तक जहां आसपास के गावों से रोजगार के लिए पलायन घटा है तो वहीं इससे उत्पन्न हुई स्वरोजगार और रोजगार से हजारों लोग आत्मनिर्भर भी हुए हैं.
जिले में औद्योगिक विकास के लिए अदाणी पॉवर लिमिटेड, छोटे भंडार में अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल तकनीक पर आधारित 800 मेगावाट की दो इकाईयों की आधुनिक ताप विद्युत संयत्र के विस्तारण के तहत एक आधुनिक स्तर का संयंत्र स्थापित किया जा रहा है, जो कि प्रदूषण नियंत्रण उपकरण इलेक्ट्रो स्टेटिक प्रिसेपिटेटर (ईइसपी) द्वारा संयंत्र में बिजली उत्पादन के दौरान उत्पन्न होने वाली गैसों और फ्लाई ऐश को फिल्टर करता है. फिल्टर की हुई धुएं को 275 मीटर ऊंची चिमनी से इतनी ही ऊंचाई पर खुले आसमान में छोड़ा जाता है. इससे आसपास के वातावरण को शुद्ध और स्वच्छ बनाए रखा जा सकता है. इसके साथ ही सर्वोत्तम पर्यावरण उत्कृष्ट इकाई, और फ्लाई ऐश उपयोग में उत्कृष्टता के अलावा यह प्लांट सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त प्लांट है, जिसे राष्ट्रीय एजेंसी भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान किया गया है.


Author: Deepak Mittal










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