दीपक मित्तल नवभारत टाइम्स 24 x7in प्रधान संपादक छत्तीसगढ़
बालोद,
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने आम नागरिकों से वर्षा ऋतु के दौरान आकाशीय बिजली से बचने के संबंध में आवश्यक सावधानी बरतने हेतु अपील की है। उन्होंने कहा कि वर्षा ऋतु के दौरान वज्रपात व आकाशीय बिजली गिरने की घटना होती है। इस दौरान यदि व्यक्ति घर में हो तो खाली पैर पानी का नल नही छुने तथा बिजली से चलने वाली यंत्रो व उपकरणों को तत्काल बंद कर देना चाहिए। यदि दोपहिया वाहन, सायकल, ट्रक, नौका, खुले वाहन आदि पर सवार होने पर तुरंत किसी सुरक्षित स्थानों पर ठहर जाना चाहिए। धातु की डंडी वाले छाते का उपयोग नही करें तथा टेलीफोन व बिजली के पोल एवं टेलीफोन, मोबाईल टावर से दूर रहंे।
उन्होंने कहा कि कपड़े सुखाने के लिए तार का प्रयोग न कर जूट या सूत की रस्सी का उपयोग करें तथा बिजली की चमक देख तथा गरजने की आवाज सुनकर ऊचें एवं एकल पेड़ों पर नही जाना चाहिए। खुले आकाश में रहने के बाध्य हो तो नीचे के स्थलों को चुनें तथा एक साथ कई आदमी एकत्र न हो, दो आदमी की दूरी कम से कम 15 फीट हो। तैराकी कर रहे लोग, मछवारें आदि अविलंब पानी से बाहर निकल जाये। खेतों में हल चलाते, रोपनी या अन्य कार्य कर रहे किसानों तथा मजदूरो को तुरंत सूखे एवं सुरक्षित स्थान पर चले जाएं। यदि खेत-खलिहान में काम कर रहंे हो तो किसी सुरक्षित स्थान में नहीं जा पा रहे हैं तो वही रहे, हो सके तो पैरों के नीचे सूखी चीजें जैसे लकड़ी, प्लास्टीक, बोरा या सूखे पत्ते रख ले. दोनो पैरो को आपस में सटा ले एवं दोनो हाथों को घुटनों पर रखकर अपने सिर को जमीन की तरफ यथा संभव झुका लें तथा सिर को जमीन से न छुएं, जमीन पर कदापी न लेटे तथा इस दौरान धातु से बने कृषि यंत्र, डंडा आदि को स्वयं से दूर रखने की अपील की है।


Author: Deepak Mittal









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