खबर का असर: पति की गुमशुदगी दर्ज करवा पत्नी शांत हो गई, यहीं से शक गहराया: कॉल डिटेल से पुलिस आरोपी प्रेमी तक पहुंची, दोनों हिरासत में

Picture of Deepak Mittal

Deepak Mittal

उत्तरा विदानी,, नवभारत टाइम्स 24 x7in संभाग ब्यूरो छत्तीसगढ़

 

महासमुंद,29मई। यूपेश हत्याकांड को लेकर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रतिभा तिवारी से बातचीत हुई को उन्होंने कहा कि महासमुंद पुलिस हैरत में हैं कि दृश्यम फिल्म में हत्या के बाद लाश को छिपाने के लिए पुलिस स्टेशन के नीचे ही गाड़ कर पुलिस को चकमा दिया जाता है, वैसा ही कुछ महासमुंद में भी हुआ है। 5 महीने से लापता यूपेश चंद्राकर का शव सोमवार को मिल गया। उसकी लाश को आरोपी मुकुंज ने लालवानी गली में लोहानी बिल्डिंग में दफन किया था। आरोपी पेशे से ज्योतिषि था।

उन्होंने बताया कि इस मामले को सुलझाने में पुलिस की तीन टीमें पांच माह से लगी थी। सोमवार को पता चला कि हत्यारा मृतक का पड़ोसी और उसकी पत्नी का प्रेमी ही निकला। इस मामले में मृतका की पत्नी हिरासत में है। पुलिस मुकुंज से शुरुआती पूछताछ के लिए संपर्क साधा। लेकिन मुकुंज बाहर होने का हवाला देकर टालमटोल करने लगा। इसके बाद पुलिस का शक गहराने लगा। पुलिस ने मुकुंज को सामान्य पूछताछ के बहाने बुलाया।

एएसपी ने बताया कि उससे सिलसिलेवार पूछताछ शुरू हुई। पूछताछ में उसका बयान हर बार बदलने लगा। इसके बाद पुलिस ने सख्ती बरती और आखिरकार मुकुंज टूट गया। उसने अपना गुनाह कबूल लिया। इसके बाद उसकी गिरफ्तारी कर पुलिस ने आरोपी की निशानदेही में सोमवार को लालवानी गली में लोहानी बिल्डिंग पहुंची। जहां मुकुंज किराए में मकान लेकर ज्योतिष का काम करता था। कमरे में एक छोटे से कमरे जिसे किचन के लिए बनाया गया है। वहां खुदाई शुरू हुई। एएसपी के मुताबिक करीब घंटे भर की खुदाई के बाद वहां से उठी तेज बदबू ने हत्या का खुलासा कर दिया।

आरोपी ने स्वीकारा कि उसकी मृतका की पत्नी से करीबी संबंध थे। जबकि शुरुआती दौर में गुम यूपेश को ढूंढने पुलिस की टीम प्रदेश के कई हिस्सों और राज्य के बाहर भी पतासाजी में गई लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने मृतका की पत्नी पर नजर रखनी शुरू की। पत्नी देविका ने 14 दिसंबर को अपने पति यूपेश की गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखाई थी।

देविका ने पुलिस को बताया था कि 8 दिसंबर से उसका पति गायब है। रिपोर्ट लिखवाने के बाद देविका ने अपने पति की गुमशुदगी को लेकर पुलिस से कोई संपर्क नहीं साधा। यही पुलिस के शक का आधार बना। साइबर सेल ने यूपेश की पत्नी देविका चंद्राकर का कॉल ट्रेस किया। उसके कॉल ड्यूरेशन की जांच की। तब पता चला कि देविका को मुकुंज त्रिपाठी के नंबर से सर्वाधिक बार कॉल किए गए थे। इसके बाद पुलिस की शक की सुई मुकुंज त्रिपाठी की ओर घूमी। मुकुंज त्रिपाठी यूपेश चंद्राकर का पड़ोसी था। नया रावण भांठा में दोनों का मकान अगल-बगल में ही है। पुलिस का कहना है कि आरोपी मुकुंज त्रिपाठी ने यूपेश की हत्या उसके नया रावणभांठा वाले मकान में ही की।

इस हत्या में उसका किसने सहयोग किया, इसकी जांच जारी है। पुलिस के मुताबिक हत्या के बाद लालवानी गली में अपने किराए के दूसरे मकान में मुकुंज ने पांच फीट गहरा गड्डा खोदा। लाश को तीन परत की पॉलीथिन में टेपिंग कर उसे गड्ढे में दफन कर दिया। हालांकि सूत्रों के अनुसार आरोपी सामान शिफ्ट करने के बहाने लाश को लालवानी गली में ले गया। पुलिस अब यहा पता लगा रही है कि सामान शिफ्ट करने आरोपी ने कौन से और किसके वाहन का उपयोग किया था।
मृतक के भाई मनीष ने बताया है कि देविका चंद्राकर यूपेश की दूसरी पत्नी है। उसकी एक बेटी भी है जो चौथी क्लास में है। देविका सरकारी शिक्षिका है। यूपेश बिरकोनी का रहने वाला था। वहीं के स्कूल में देविका सरकारी शिक्षिका थी। जुलाई 2023 में देविका स्कूल से छुट्टी लेकर मायके भालूचुआ बागबाहरा चली गई। इसकी जानकारी उसने अपने पति को भी नहीं दी थी। फिर अक्टूबर में देविका बागबाहरा से लौटकर महासमुंद के नया रावणभाठा में किराए के मकान में रहने लगी। बताया जा रहा है कि यह मकान भी उसे मुकुंज त्रिपाठी ने ही दिलाया था। फिर अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में यूपेश बिरकोनी के घर को छोड़कर देविका के साथ रहने लगा था।

 

Deepak Mittal
Author: Deepak Mittal

Leave a Comment

Leave a Comment