वीना दुबे,, नवभारत टाइम्स 24 x7in ब्यूरो प्रमुख दुर्ग

दुर्ग। मानवता की सेवा संवेदना तीमारदारी मुस्कान और संयम सहिष्णुता के साथ अपने घर में भी जिम्मेदारी के उल्लेखनीय भूमिका निभाने वाली शख्स को नर्स याने की बहन कहते है डॉक्टर के साथ सहयोगी भागीदारी सुनिश्चित करती है ये बहनें। घर परिवार में प्रतिकूल परिस्थिति में भी नर्स बहनें सकारात्मक परिणाम में अग्रणी भूमिका निभाती है वैसे तो ये सदा सम्मानित पद और जिम्मेदारी में होते हैं फ्लोरेंस नाइटेंगलको आधुनिक नर्सिंग का जन्म दाता माना जाता है इनका जन्म 12 मई 1820 को हुआ था 1974 को विश्व स्वास्थ संगठन ने 12 मई को अंतरराष्ट्रीय नर्सिंग डे मनाने का फैसला लिया गया इस अवसर पर सेवा निवृत सिस्टर जिनका सम्मान हुआ वो ये ।थे बावनकर रीता मेंड्रिक नलिनी पी मसीह के वी कुमार मृदुला राधा देवांगन सरस्वती ताम्रकार एल खान एस कटने कल्याणी शुक्ला कृष्णा तिवारी शैलजा सिंह पुष्पा अग्रवाल कमला देशमुख सपना देवांगन मोंगरा वर्मा माधुरी परांजपे तग्गा मानी पिल्लई शिवकुमारी कार्यक्रम के अंतर्गत केक काटा गया सबेरे 10 बजे इन सिस्टर के द्वारा सेवा एवम रचनात्मक कार्य के अंतर्गत शरबत का वितरण हुआ जिसमे सी बोरकर मंजू राय तुरकाने यशोदाभारती माधुरीशायनी आशा भट्ट ममता शर्मा शायनी चेरियन आदि थे नर्सिंग ट्रेनीज की एकस्टुडेंट द्वारा नृत्य की आकर्षक प्रस्तुति हुई कार्यक्रम का संचालन अजय नायक शाहिनी के द्वारा आभार शाइनी चेरियन के द्वारा हुआ कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सीएमएचओ डॉ जेपी मेश्राम सिविल सर्जन सह अधीक्षक डॉ हेमंत साहू रेडक्रॉस सोसायटी के प्रबंध कार्यकारिणी सदस्य जीवन दीप समिति के आजीवन सदस्य दिलीप ठाकुर मानद सदस्य प्रशांत डोंगावकर जिला स्वास्थ संगठन अध्यक्ष गुप्ता ।धोते जी जीवन दीप समिति के मुख्य लिपिक जीपी उपाध्याय डॉक्टर विनिता धुर्वे थी संभागीय स्वास्थ संगठन अध्यक्ष अजय नायक थे,,000

Author: Deepak Mittal










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