नवभारत टाइम्स 24 x7.in के ब्यूरो चीफ जे.के. मिश्रा की रिपोर्ट:
फर्जी एनजीओ बनाकर बैंक मैनेजर ने लोन के नाम पर निकाले 2.77 करोड़
रायपुर: प्रधानमंत्री मुद्रा लोन योजना में छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित इंडियन बैंक विधानसभा रोड दोंदेखुर्द ब्रांच के बैंक मैनेजर ने 2.77 करोड़ रुपये का फर्जीवाड़ा किया है। मैनेजर ने 55 फर्जी स्व-सहायता समूह बनाकर उनके नाम से लोन स्वीकृत करवा लिया और लोन की राशि दो व्यापारियों के खातों में जमा कराई। व्यापारियों ने कमीशन काटकर शेष राशि बैंक मैनेजर के भारतीय स्टेट बैंक के खाते में जमा कर दी। यह गड़बड़ी वार्षिक ऑडिट के दौरान सामने आई।
केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन के संबंध में बैंकों को दिए गए लक्ष्यों की पूर्ति के लिए ऋण की स्टेटस रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को पेश की जाती है। दोंदेखुर्द ब्रांच के तत्कालीन मैनेजर ने इस प्रक्रिया का गलत फायदा उठाते हुए गुपचुप तरीके से फर्जीवाड़ा जारी रखा। बीते दो साल से चल रहे इस फर्जीवाड़े और संगठित अपराध की भनक आला अफसरों को भी नहीं लगी थी।
वार्षिक ऑडिट के दौरान बैंक के तकनीकी अधिकारियों ने केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन की फाइलें जांचनी शुरू कीं, तब जाकर परत-दर-परत फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ। स्व-सहायता समूह के अलावा व्यक्तिगत लोगों को मुद्रा लोन योजना के तहत लोन देने के लिए जिनके फोटो और आधार कार्ड आवेदन के साथ लगाए गए थे, उनकी जांच के दौरान एक-एक कर गड़बड़ियां सामने आईं।
जिनके नाम पर लोन लिया गया था, उन्होंने स्पष्ट रूप से बैंक से लोन मिलने से इनकार किया। लोगों ने बताया कि उनके आवेदन को बैंक मैनेजर ने पहले ही निरस्त कर दिया था। जांच के दौरान पता चला कि बड़े पैमाने पर फर्जी दस्तावेजों के सहारे लोन की राशि हड़प ली गई। प्रधानमंत्री मुद्रा लोन, आजीविका मिशन
Author: Deepak Mittal










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