जांजगीर-चांपा। जिले में राजस्व व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है, और अब प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। सरकार के स्पष्ट आदेशों को नजरअंदाज करने वाले 142 पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है। इन पटवारियों पर आरोप है कि इन्होंने ऑनलाइन कामकाज पूरी तरह से ठप कर दिया, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
सूत्रों के अनुसार, 16 अगस्त से जिले का राजस्व कार्य पूरी तरह से ठप है। ऑनलाइन एंट्री, नामांतरण, खसरा-खतौनी अपडेट जैसे जरूरी कार्य बंद हैं, जिससे लोगों को जरूरी दस्तावेज तक नहीं मिल पा रहे हैं। इस लापरवाही को आचरण नियम 1965 के खिलाफ माना गया है।
🔍 कहां-कहां के पटवारियों पर गिरी गाज?
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जांजगीर तहसील: 40 पटवारी
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चांपा तहसील: 32 पटवारी
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पामगढ़ तहसील: 28 पटवारी
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अकलतरा तहसील: 42 पटवारी
प्रशासन ने सभी को तीन दिन में जवाब देने का अल्टीमेटम दिया है। यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो 1966 के नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी, जिसमें निलंबन तक की सिफारिश की जा सकती है।

Author: Deepak Mittal
