Pune Mahadev Kundeshwar Temple Pick-up Van Accident: पुणे के खेड़ तहसील में 11 अगस्त 2025 को एक दिल दहलाने वाला हादसा हुआ, जिसमें श्री क्षेत्र महादेव कुंडेश्वर मंदिर जा रही 10 महिलाओं की मौत हो गई।
हादसे में 27 लोग, जिनमें महिलाएं और बच्चे शामिल थे, गंभीर रूप से घायल हो गए। श्रावण सोमवार के पवित्र दिन पापलवाड़ी गांव से मंदिर जा रही एक पिकअप वैन 30 फीट गहरी खाई में गिर गई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और महाराष्ट्र सरकार ने मृतकों के परिजनों को मुआवजे का ऐलान किया है। X पर यह खबर वायरल हो रही है, और लोग इस त्रासदी पर शोक जता रहे हैं। आइए, इस भयावह हादसे की पूरी कहानी जानें कैसे क्या हुआ?
क्या हुआ कुंडेश्वर मंदिर के पास?
11 अगस्त 2025 को दोपहर 1 बजे के आसपास, पापलवाड़ी गांव (खेड़ तहसील) के 41 श्रद्धालु, ज्यादातर महिलाएं और बच्चे, पिकअप वैन के कार्गो बेड में सवार होकर श्री क्षेत्र महादेव कुंडेश्वर मंदिर जा रहे थे। यह मंदिर पहाड़ी पर स्थित है और श्रावण मास में भारी भीड़ आकर्षित करता है। पैठ गांव के पास एक तेज ढलान और तंग मोड़ वाली सड़क पर वैन का ड्राइवर रुशिकेश करांडे नियंत्रण खो बैठा।
प्रारंभिक जांच के मुताबिक, ओवरलोडिंग की वजह से वैन ढलान पर चढ़ नहीं पाई, पीछे की ओर फिसली, और कई बार पलटते हुए 30 फीट गहरी खाई में जा गिरी। महालुंगे MIDC पुलिस के मुताबिक, हादसे में 10 महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई, और 27 लोग घायल हुए, जिनमें से कुछ की हालत नाजुक है।
मृतकों की सूची: पापलवाड़ी की बेटियों का नुकसान
Saddened by the loss of lives due to an accident in Pune, Maharashtra. Condolences to those who have lost their loved ones in the mishap. May the injured recover soon.
An ex-gratia of Rs. 2 lakh from PMNRF would be given to the next of kin of each deceased. The injured would be…
— PMO India (@PMOIndia) August 11, 2025
पुलिस ने मृतकों की पहचान कर ली है, जो सभी पापलवाड़ी गांव की रहने वाली थीं। ये हैं मृतक महिलाओं के नाम और उम्र:-
- मंदाबाई कनिफ दरेकर (50)
- संजाबाई कैलास दरेकर (50)
- मीराबाई संभाजी चोरघे (50)
- शोभा ज्ञानेश्वर पापल (33)
- सुमन कालूराम पापल (50)
- शकुबाई तानाजी चोरघे (50)
- शारदा रामदास चोरघे (45)
- बैदाबाई ज्ञानेश्वर दरेकर (45)
- पार्वतीबाई दत्तू पापल (56)
- फसाबाई प्रभु सावंत (61)
ये सभी महिलाएं किसान परिवारों से थीं और श्रावण सोमवार के दर्शन के लिए मंदिर जा रही थीं।
हादसे की वजह: ओवरलोडिंग या लापरवाही?
पिंपरी चिंचवड़ पुलिस के डीसीपी शिवाजी पवार ने बताया कि वैन में 35-41 यात्री सवार थे, जो क्षमता से ज्यादा था। प्रारंभिक जांच के मुताबिक, ड्राइवर रुशिकेश करांडे ने एक विपरीत दिशा से आ रहे वाहन को रास्ता देने के लिए वैन रोकी। लेकिन तेज ढलान पर वैन दोबारा चालू नहीं हो पाई, पीछे फिसली, और खाई में जा गिरी। ड्राइवर घायल हुआ, लेकिन उसकी हालत स्थिर है। महालुंगे MIDC पुलिस के वरिष्ठ इंस्पेक्टर दिगंबर सूर्यवंशी ने कहा, ‘वाहन ओवरलोड था। हम दुर्घटना मृत्यु का मामला दर्ज कर जांच कर रहे हैं।’
Pune, Maharashtra | Seven people were killed and several others injured when a pick-up van carrying women and children going to the Kundeshwar temple in Papalwadi village under the Mahalunge MIDC police station area fell 25-30 feet down a slope. The injured have been admitted to… pic.twitter.com/9b96R0KFeF
— ANI (@ANI) August 11, 2025
त्वरित बचाव और मेडिकल मदद
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग, पुणे ग्रामीण पुलिस, और पिंपरी चिंचवड़ पुलिस मौके पर पहुंचे। 10 एम्बुलेंस की मदद से घायलों को राजगुरुनगर के शिवतीर्थ अस्पताल, गावड़े अस्पताल, और अन्य निजी अस्पतालों में भेजा गया। शिवतीर्थ अस्पताल के डॉ. प्रफुल्ल बोरुडे ने बताया, ‘पांच घायल, जिनमें एक बच्चा शामिल है, हमारे यहां हैं। तीन की हालत गंभीर है।’ गावड़े अस्पताल के डॉ. हर्षद गावड़े ने कहा, ‘तीन महिलाएं लाई गईं, जिनमें एक की पहले ही मौत हो चुकी थी।’
मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने X पर शोक जताते हुए लिखा, ‘पुणे हादसे से दुखी हूं। मृतकों के परिजनों को PMNRF से 2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे।’ महाराष्ट्र सीएम देवेंद्र फडणवीस ने 4 लाख रुपये प्रति मृतक परिवार को देने का ऐलान किया। उपमुख्यमंत्री अजित पवार, जो पुणे के गार्जियन मिनिस्टर हैं, ने मुफ्त इलाज का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री फडणवीस ने लिखा, ‘यह त्रासदी दुखद है। सरकार पीड़ितों के साथ है।’
स्थानीय नेताओं का दौरा
खेड़-आलंदी विधायक बबाजी काले ने घटनास्थल का दौरा किया और पीड़ितों के परिवारों से मुलाकात की। पिंपरी चिंचवड़ पुलिस आयुक्त विनय कुमार चौबे ने भी अस्पतालों का दौरा कर घायलों का हाल जाना।
क्या होगा आगे?
पुलिस अब ड्राइवर की लापरवाही और वाहन की स्थिति की जांच कर रही है। कुंडेश्वर मंदिर की संकरी सड़क और खड़ी चढ़ाई पहले भी हादसों का कारण बन चुकी है। पुणे प्रशासन ने सड़क सुधार और सुरक्षा नियमों पर काम शुरू करने का वादा किया है। यह हादसा श्रावण मास की भक्ति को मातम में बदल गया।
आप क्या सोचते हैं? क्या ओवरलोडिंग और खराब सड़कों पर सख्ती जरूरी है? कमेंट्स में अपनी राय शेयर करें!

Author: Deepak Mittal
