तिरुवनंतपुरम: केरल में मानवता और साहस की मिसाल पेश करते हुए 10 महीने की मासूम एलिन शेरिन अब्राहम राज्य की सबसे कम उम्र की अंगदाता बन गई है। इस नन्ही बच्ची के अंगदान से पांच लोगों को नई जिंदगी मिलने जा रही है। गहरे दुख के बीच माता-पिता अरुण अब्राहम और शेरिन एन जॉन ने अंगदान का ऐतिहासिक फैसला लिया।
अमृता अस्पताल में हुआ अंगदान
अंगदान की पूरी प्रक्रिया Amrita Hospital (एर्नाकुलम) में संपन्न हुई। बच्ची का लिवर, दोनों किडनी, हार्ट वाल्व और दोनों आंखें दान की गईं।
-
लिवर तिरुवनंतपुरम के KIMS Hospital में इलाजरत 6 महीने के एक शिशु को प्रत्यारोपित किया जाएगा। यह केरल में मरणोपरांत अंगदान से लिवर पाने वाला सबसे कम उम्र का बच्चा होगा।
-
दोनों किडनी तिरुवनंतपुरम मेडिकल कॉलेज के SAT अस्पताल के पीडियाट्रिक नेफ्रोलॉजी वार्ड में भर्ती एक बच्चे को दी जाएंगी।
-
हार्ट वाल्व Sree Chitra Tirunal Institute for Medical Sciences and Technology को भेजा गया है।
-
दोनों आंखें अमृता अस्पताल में ही दान की गईं।
सड़क हादसे में हुई थी गंभीर चोट
जानकारी के मुताबिक, पथानामथिट्टा जिले के मल्लप्पल्ली निवासी एलिन 5 फरवरी को एक सड़क हादसे का शिकार हो गई थी। दोपहर करीब 2:30 बजे वह अपनी मां और नाना-नानी के साथ कोट्टायम से तिरुवल्ला जा रही थी, तभी M.C. रोड पर सामने से आ रही एक कार ने टक्कर मार दी। हादसे में बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई, जबकि परिवार के अन्य सदस्य भी जख्मी हुए।
पहले चंगनास्सेरी और तिरुवल्ला के अस्पतालों में उपचार के बाद 7 फरवरी को बच्ची को कोच्चि स्थित अमृता अस्पताल लाया गया। 13 फरवरी को डॉक्टरों ने उसे ब्रेन डेड घोषित कर दिया। इसके बाद परिवार ने अंगदान की सहमति दी।
स्वास्थ्य मंत्री ने की सराहना
केरल की स्वास्थ्य मंत्री Veena George ने माता-पिता के इस फैसले की सराहना करते हुए कहा कि यह कदम कई परिवारों के लिए आशा की किरण बना है। उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
यह पूरी अंगदान प्रक्रिया केरल स्टेट ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन (K-SOTTO) के नेतृत्व और गृह विभाग के सहयोग से संपन्न हुई।
Author: Deepak Mittal










Total Users : 8156109
Total views : 8176834